
ईशनिंदा मामले में यति नरसिंहानंद को दिल्ली पुलिस का समन
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दिल्ली पुलिस ने नरसिंहानंद को जल्द से जल्द हाजिर होने के लिए समन भेजा है. यति नरसिंहानंद ने हाल ही में प्रेस क्लब में अपने वक्तव्य में पैगंबर मोहम्मद के लिए भद्दी टिप्पणी की थी इसके अलावा इस्लाम धर्म के बारे में भी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था.
पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी करने वाले यति नरसिंहानंद की मुसीबतें बढ़ने वाली हैं. अब दिल्ली पुलिस ने नरसिंहानंद को जल्द से जल्द हाजिर होने के लिए समन भेजा है. यति नरसिंहानंद ने हाल ही में प्रेस क्लब में अपने वक्तव्य में पैगंबर मोहम्मद के लिए भद्दी टिप्पणी की थी इसके अलावा इस्लाम धर्म के बारे में भी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था. इसके बाद मुस्लिम समाज और बाकी नागरिकों द्वारा यति नरसिंहानंद की आलोचना की गई, मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा यति नरसिंहानंद पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई. दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में यति नरसिंहानंद के खिलाफ एक FIR दर्ज दर्ज की गई है. 3 अप्रैल को वीडियो पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने धारा 153-A और 295-A के तहत मामला दर्ज किया है. इसी मामले में पेश होने के लिए दिल्ली पुलिस ने यति नरसिंहानंद को नोटिस भेजा है और जल्दी से जल्दी पेश होने के लिए कहा है.
पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










