
ईरान से निकाले गए 110 भारतीय दिल्ली के लिए रवाना, नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए लॉन्च हुआ ऑपरेशन 'सिंधु'
AajTak
भारत ने ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए 'ऑपरेशन सिंधु' शुरू किया है. इस अभियान के तहत 110 भारतीय छात्रों को ईरान से निकालकर आर्मेनिया होते हुए भारत लाया जा रहा है. यह कदम क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए उठाया गया है, जहा अब तक दोनों तरफ 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
ईरान और इजरायल के बीच जारी भीषण संघर्ष के बीच भारत सरकार ने बुधवार को 'ऑपरेशन सिंधु' की शुरुआत की, जिसका मकसद ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालना है. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब इजरायल की सैन्य कार्रवाई और ईरान की जवाबी कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में तनाव और हिंसा बढ़ गई है.
इस अभियान की पहली कड़ी में 110 भारतीय छात्रों को उत्तरी ईरान से सुरक्षित निकाला गया और उन्हें आर्मेनिया की सीमा पार करवाई गई. भारत के ईरान और आर्मेनिया स्थित मिशनों की निगरानी में यह पूरी यात्रा संपन्न हुई. इसके बाद ये छात्र आर्मेनिया की राजधानी येरेवान से 18 जून को दोपहर 2:55 बजे विशेष विमान से भारत के लिए रवाना हुए और इनके 19 जून की तड़के नई दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है.
यह भी पढ़ें: ईरान की बिखरी हुई विपक्षी ताकतें... कौन हैं सत्ता के खिलाफ आवाज उठाने वाले?
ईरान और आर्मेनिया को भारत ने दिया धन्यवाद
भारत सरकार ने ईरान और आर्मेनिया दोनों देशों की सरकारों का इस प्रक्रिया में सहयोग देने के लिए धन्यवाद दिया है. विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ईरान में फंसे बाकी भारतीय नागरिकों को भी सुरक्षित क्षेत्रों में ले जाने की प्रक्रिया जारी है. यह पूरा अभियान 'ऑपरेशन सिंधु' के अंतर्गत तय विकल्पों के मुताबिक आगे बढ़ाया जाएगा.
भारत सरकार ने ईरान में रह रहे सभी भारतीयों को भारतीय दूतावास के इमरजेंसी हेल्पलाइन से जुड़े रहने की सलाह दी है. साथ ही नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय द्वारा 24x7 कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जिससे मदद ली जा सकती है.

दिल्ली में कांग्रेस द्वारा मनरेगा बचाओ आंदोलन तेज़ी से जारी है. 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय के सामने बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता एकत्रित हुए हैं. यह विरोध प्रदर्शन मनरेगा कानून में किए जा रहे बदलावों के खिलाफ किया जा रहा है. मनरेगा योजना के तहत मजदूरों को रोजगार देने वाली इस योजना में बदलावों को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की है.

भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते ने क्षेत्रीय आर्थिक समीकरणों में बड़ा बदलाव ला दिया है. इस ऐतिहासिक डील से पाकिस्तान को निर्यात के क्षेत्र में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने इस डील से पैदा हुए संभावित नकारात्मक प्रभाव से निपटने के लिए यूरोपीय अधिकारियों से संपर्क किया है. यह समझौता दोनों पक्षों के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगा.

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मियां मुसलमानों को लेकर फिर से विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर राज्य के मियां मुसलमानों को परेशान करना हो तो वह रात दो बजे तक जाकर भी परेशान कर सकते हैं. इसके साथ ही उन्होंने मियां मुसलमानों को पांच रुपए देने की बजाय चार रुपए देने की बात कह कर विवादों को जन्म दिया है. इसपर पर अब विपक्ष हमलावर है.

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.





