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ईरान में बिगड़े हालात! 'तानाशाह मुर्दाबाद' के नारों से गूंजा तेहरान, हिंसक प्रदर्शनों में 3 लोगों की मौत

ईरान में बिगड़े हालात! 'तानाशाह मुर्दाबाद' के नारों से गूंजा तेहरान, हिंसक प्रदर्शनों में 3 लोगों की मौत

AajTak
Thursday, January 01, 2026 04:39:26 PM UTC

ईरान में बिगड़ती अर्थव्यवस्था, महंगाई और मुद्रा संकट के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों में कई प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है, जबकि सुरक्षा बलों का एक सदस्य भी मारा गया है. तेहरान में विश्वविद्यालयों के छात्रों ने सड़कों पर उतरकर 'तानाशाह मुर्दाबाद' के नारे लगाए.

नए साल की शुरुआत के साथ ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ भड़के विरोध-प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं. बिगड़ती अर्थव्यवस्था, महंगाई और मुद्रा संकट के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों में कई प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है, जबकि सुरक्षा बलों का एक सदस्य भी मारा गया है. अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, यह बीते तीन वर्षों में देश का सबसे बड़ा जनआंदोलन माना जा रहा है.

रिपोर्ट के अनुसार, पहले राजधानी तेहरान और बड़े शहरों तक सीमित रहे प्रदर्शन अब ग्रामीण इलाकों तक फैल गए हैं. पश्चिमी शहर लोरदेगन, कुहदश्त और इस्फहान प्रांत से मौतों की पुष्टि हुई है. ईरानी मीडिया और मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच कई जगहों पर सीधी झड़पें हुईं.

तेहरान में विश्वविद्यालयों के छात्रों ने सड़कों पर उतरकर 'तानाशाह मुर्दाबाद' के नारे लगाए और 1979 की इस्लामिक क्रांति में अपदस्थ किए गए शाह मोहम्मद रज़ा पहलवी के बेटे रजा पहलवी के समर्थन में नारेबाजी की. अमेरिका में निर्वासन में रह रहे रजा पहलवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “मैं आपके साथ हूं. हमारी जीत तय है क्योंकि हमारा उद्देश्य न्यायपूर्ण है और हम एकजुट हैं.” उन्होंने कहा कि मौजूदा शासन के रहते देश की आर्थिक स्थिति और बिगड़ेगी.

तीन लोगों की हुई मौत

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े फार्स समाचार एजेंसी ने बताया कि लोरदेगन में झड़पों के दौरान दो लोगों की मौत हुई. वहीं, कुहदश्त में बसीज स्वयंसेवी अर्धसैनिक बल के एक सदस्य की मौत और 13 के घायल होने की पुष्टि की गई है. हालांकि, मानवाधिकार समूह हेंगाव का दावा है कि मारे गए बसीज सदस्य भी प्रदर्शन में शामिल थे और उन्हें सुरक्षा बलों ने गोली मारी. इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.

प्रदर्शनों के चलते कई प्रमुख बाजार बंद

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