
9/11 केस में अलकायदा की 'पैरवी' करने वाला बना न्यूयार्क शहर का सरकारी वकील
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न्यूयॉर्क के नवनिर्वाचित मेयर जोहरान ममदानी ने रमजी कासेम को शहर का चीफ काउंसल नियुक्त किया है. कासेम विवादित वकील हैं और अल-कायदा के आतंकवादी अहमद अल-दरबी के बचाव पक्ष में रहे हैं. कासेम ने पूर्व राष्ट्रपति बाइडेन के प्रशासन में भी वरिष्ठ नीति सलाहकार के रूप में काम किया है.
न्यूयॉर्क के नवनिर्वाचित मेयर जोहरान ममदानी विवादित वकील रमजी कासेम को शहर का शीर्ष कानूनी अधिकारी नियुक्त कर रहे हैं. ममदानी ने मंगलवार को इसकी घोषणा की जिसके बाद उनकी नियुक्ति पर चर्चा छिड़ गई है. कासेम वही वकील हैं जिन्होंने अदालत में अल-कायदा के आतंकी अहमद अल-दरबी का बचाव किया था.
ममदानी ने नए साल के पहले ही दिन 1 जनवरी को न्यूयॉर्क मेयर पद की शपथ ली है. उन्होंने बताया कि रमजी कासेम को न्यूयॉर्क सिटी का चीफ काउंसल नियुक्त किया जा रहा है. यह पद शहर का सबसे वरिष्ठ कानूनी पद है. इसके साथ ही उन्होंने स्टीवन बैंक्स को कॉरपोरेशन काउंसल और हेलन आर्तेगा को स्वास्थ्य एवं मानव सेवा मामलों की डिप्टी मेयर बनाने की भी घोषणा की. बैंक्स खुद को 'सोशल जस्टिस अटॉर्नी' बताते हैं.
रमजी कासेम इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में व्हाइट हाउस की डोमेस्टिक पॉलिसी काउंसिल में इमिग्रेशन मामलों के वरिष्ठ नीति सलाहकार रह चुके हैं.
कासेम अहमद अल-दरबी के मामले में मुख्य बचाव पक्ष के वकील थे. साल 2014 में अल-दरबी ने अमेरिकी सैन्य आयोग के सामने अल-कायदा की साजिश में शामिल होने का दोष स्वीकार किया था. यह साजिश यमन के तट के पास फ्रांसीसी तेल टैंकर एमवी लिम्बर्ग को बम से उड़ाने से जुड़ी थी.
इस हमले में एक नागरिक की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे. अल-दरबी को 2017 में दोषी ठहराया गया और 2018 में ट्रंप प्रशासन ने उसे सऊदी अरब की जेल में स्थानांतरित कर दिया था.
उस समय कासेम ने कहा था, 'भले ही इससे उसे पूरी तरह न्याय न मिले, लेकिन मेरी उम्मीद है कि स्वदेश वापसी कम से कम अहमद के साथ हुई नाइंसाफी के अंत का संकेत होगी.' उन्होंने यह भी कहा था कि अल-दरबी ने कैद में '16 लंबे और पीड़ादायक साल' बिताए.
