
ईरान के पास परमाणु है...! हमले से इजरायल ही नहीं कई खाड़ी मुल्क भी हो सकते हैं तबाह
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मध्य पूर्व युद्ध के बीच ईरान ने इजरायल के डिमोना परमाणु रिएक्टर को निशाना बनाने की चेतावनी दी है. विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा हमला परमाणु बम जैसा विस्फोट नहीं करेगा, लेकिन रेडियोएक्टिव मटेरियल के फैलने से इजरायल समेत पूरे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तबाही और लंबे समय तक रहने वाला परमाणु संकट पैदा हो सकता है.
मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच एक नया और बेहद खतरनाक खतरा सामने आया है. अमेरिकी और इजरायली हमलों के बीच एक ईरानी सैन्य अधिकारी ने स्थानीय न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा है कि अगर अमेरिका और इजरायल ईरान में "रेजीम चेंज" यानी सत्ता बदलने की कोशिश करते हैं, तो ईरान अपने "आखिरी प्रभावी मिसाइलों" से इजरायल के डिमोना परमाणु रिएक्टर को निशाना बना सकता है.
ईरानी अधिकारी के मुताबिक, पूरे मध्य पूर्व के ऊर्जा ढांचे को भी टारगेट किया जा सकता है. ईरान के इस बयान ने दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है. वजह यह है कि ईरान के पास भले ही परमाणु बम नहीं है, लेकिन अगर डिमोना परमाणु रिएक्टर पर हमला हुआ, तो उसका असर किसी परमाणु बम के हमले से कम नहीं हो सकता.
डिमोना रिएक्टर क्या और कहां है?
इजरायल का परमाणु कार्यक्रम लंबे समय से दुनिया के लिए रहस्य बना हुआ है. डिमोना में स्थित शिमोन पेरेस नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर इजरायल का सबसे संवेदनशील परमाणु ठिकाना माना जाता है. इस परमाणु रिएक्टर का निर्माण 1958 में शुरू हुआ था. उस समय फ्रांस ने गुप्त रूप से इजरायल की मदद की थी.
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जब अमेरिका ने इस निर्माण को लेकर सवाल उठाए, तो इजरायल ने कहा था कि यह एक टेक्सटाइल यानी कपड़ा फैक्ट्री है, लेकिन कुछ सालों बाद इसी न्यूक्लियर साइट में काम करने वाले एक टेक्नीशियन ने इजरायली प्लान का खुलासा कर दिया. इससे साफ हो गया कि वहां परमाणु रिएक्टर बनाया जा रहा था.

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