
इजरायल-ईरान महायुद्ध का पांचवा दिन, कितनी लंबी चलेगी जंग? अंजना के साथ देखें हल्ला बोल
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आज तक के कार्यक्रम 'हल्ला बोल' में ईरान-अमेरिका तनाव और भारत की विदेश नीति पर विस्तृत चर्चा की गई. बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने मध्य पूर्व में रह रहे 95 लाख भारतीयों की सुरक्षा और वापसी को भारत की प्राथमिकता बताया. उन्होंने इसे इस्लामिक जगत का आंतरिक संघर्ष करार दिया. कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोढे पाटील ने संप्रभु देश के प्रमुख की हत्या और चाबहार पोर्ट के महत्व पर जोर दिया. ग्लोबल अफेयर्स एक्सपर्ट गीता मोहन ने ईरान को भारत के लिए रणनीतिक चुनौती और संपत्ति दोनों बताया. देखें हल्ला बोल.

तेलंगाना के नागरकुरनूल जिले में 16 वर्षीय छात्रा ने एक निजी स्कैनिंग सेंटर के वॉशरूम में बच्चे को जन्म दिया. पेट दर्द की शिकायत के बाद वह मां के साथ अस्पताल पहुंची थी. आरोप है कि नवजात को डस्टबिन में रखा गया. सूचना पर पुलिस पहुंची और मां-बच्चे को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया. दोनों की हालत स्थिर है.

तमिलगा वेट्री कजगम के प्रमुख विजय ने मछुआरों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पर निशाना साधते हुए कहा कि सिर्फ चिट्ठी लिखने से काम नहीं चलेगा, केंद्र पर भावनात्मक दबाव बनाना होगा. करूर घटना और फिल्म जननायगन की रिलीज को लेकर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी. विजय ने DMK पर हमला बोलते हुए कहा कि तमिलनाडु टीवीके का है और टीवीके तमिलनाडु का.

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने अबू धाबी और दुबई में हुए हमलों की कड़ी निंदा की है. पश्चिमी देश और अन्य कई राष्ट्र ईरान की उस हमलों के विरोध में खड़े हैं जो मिडल ईस्ट में हो रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया ने कहा है कि इन हमलों का कोई औचित्य नहीं है खासकर जब रिहायशी इलाके निशाने पर हैं, जहां ड्रोन और मिसाइल गिर रही हैं.

रांची में पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने पर 1 हजार रुपये का ई-चालान जारी किया गया है. ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम ने उनकी गाड़ी को तय सीमा से अधिक गति में रिकॉर्ड किया. पुलिस ने नियमों के तहत जुर्माना लगाया और लोगों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है.

ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट ने मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता चुना है जो मौजूदा खामेनेई की जगह लेंगे. मोजतबा को लंबे समय से संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा था. ये पदोन्नति राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील भी साबित हो सकती है क्योंकि इस्लामिक रिजीम लंबे समय से वंशानुगत शासन की आलोचना भी कर रहा था.








