
इंजेक्शन लगाकर तोड़ता था उंगलियां फिर बनवाता था मेडिकल, ऐसे चल रहा था फर्जी मेडिकल रिपोर्ट बनाने का रैकेट
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मुंबई पुलिस ने फर्जी मेडिकल डॉक्यूमेंट बनाने वाले रैकेट का खुलासा करते हुए वार्ड ब्वॉय सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने बताया कि आरोपी पहले इंजेक्शन लगा कर लोगों की उंगलियां तोड़ता था और मरीज को डॉक्टर के पास भेजकर फर्जी मेडिकल रिपोर्ट बनवाता था. इसके बाद इन मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस में शिकायत करते थे.
मुंबई पुलिस ने फर्जी मेडिकल डॉक्यूमेंट बनाने वाले रैकेट का खुलासा किया है. पुलिस ने एक सिविल हॉस्पिटल के एक वार्ड ब्वॉय सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है. इन सभी लोगों ने अपने क्लाइंट को अस्थायी रूप से चोट पहुंचाने के लिए डोमेन नॉलेज का इस्तेमाल करते थे, ताकि मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने वाले लोग अपने दुश्मनों के खिलाफ FIR दर्ज कर को फंसा सकें.
इंजेक्शन लगाकर तोड़ा था अंगुलियां: पुलिस पुलिस ने बताया कि इस रैकेट का मुख्य आरोपी वासु थोम्ब्रे एक अजीब तरीके का इस्तेमाल करता था. वह पहले अपने मुवक्किल की अंगुलियों को तोड़ने से पहले जहर के भरा एक इंजेक्शन लगा देता था और इसके बाद वह मरीज को अस्पताल ले जाएंगे, जहां डॉक्टरों को उंगली की चोट का ज्रिक करते हुए मेडिकल डॉक्यूमेंट बना देते थे.
लोगों से वसूलते थे मौटी रकम पुलिस अधिकारी ने यह भी बताया कि घायल व्यक्ति फिर पुलिस के पास जाता था और अपने दुश्मनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराता था और पुलिस से दावा करता था कि उसके साथ पुरानी रंजिश को लेकर मारपीट की गई है. तीनों आरोपियों की पहचान थोम्ब्रे, बाबू निसार सैय्यद, समीर इश्तियाक हुसैन और अब्दुल हमीद खान के रूप में हुई है. वह एक मामले के 40 से 50 हजार रुपये लगते थे.
ऐसे हुआ खुलासा अधिकारी के अनुसार, वार्ड ब्वॉय का पर्दाफाश तब हुआ जब नगर निगम के शताब्दी अस्पताल के एक डॉक्टर को फैजान अहमद खान की टूटी हुई उंगलियों के इलाज के दौरान शक हुआ. इसके बाद फैजान को पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां उसने सारी बात पुलिस को बता दी. उसने पुलिस को बताया कि वह अपनी हाउसिंग सोसायटी के निवासियों के साथ किसी मुद्दे पर तीन लोगों को फंसाना चाहता था. पुलिस ने इस मामले में रविवार को आईपीसी की धारा 328 और 120 बी के तहत गिरफ्तार कर लिया है और पुलिस को शक है कि ये गिरोह पिछले कई महीनों से वारदातों को अंजाम दे रहा है.

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