
आसाराम बापू को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, जमानत याचिका पर जनवरी तक टाली सुनवाई
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आसाराम बापू ने सुप्रीम कोर्ट मे याचिका दाखिल कर ट्रायल कोर्ट में अतिरिक्त गवाहों को पेश करने की मांग की है. आसाराम ने कहा कि बढ़ती आयु और बीमारी की वजह से जमानत दी जाए. इसके अलावा याचिका में आसाराम ने अपनी बिगड़ती सेहत और बीमारी के बेहतर इलाज के लिए जमानत की गुहार लगाई है.
नाबालिग से रेप के आरोप में जेल में बंद आसाराम बापू को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की जमानत याचिका पर जनवरी तक सुनवाई टाल दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में अभी ट्रायल चल रहा है. हम जमानत याचिका पर जनवरी में सुनवाई करेंगे.
उधर, आसाराम की ओर से कहा गया कि उनके मामले में बहुत धीमी गति से ट्रायल चल रहा है. आसाराम के वकील ने कहा कि जिस तरह ट्रायल चल रहा है, ऐसे में उनको यह नहीं लगता कि उनके खिलाफ ट्रायल कभी खत्म होगा.
बढ़ती उम्र और बीमारी की वजह से मिले जमानत
दरअसल, आसाराम बापू ने सुप्रीम कोर्ट मे याचिका दाखिल कर ट्रायल कोर्ट में अतिरिक्त गवाहों को पेश करने की मांग की है. आसाराम ने कहा कि बढ़ती आयु और बीमारी की वजह से जमानत दी जाए. इसके अलावा याचिका में आसाराम ने अपनी बिगड़ती सेहत और बीमारी के बेहतर इलाज के लिए जमानत की गुहार लगाई है.
जमानत अर्जी में आसाराम ने यह भी कहा है कि वे पिछले 9 सालों से जेल में बंद हैं. उनकी उम्र 80 साल से ऊपर हो गई है. वे लगातार गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं, लिहाजा सुप्रीम कोर्ट उनकी जमानत अर्जी पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर उन्हें जमानत पर रिहाई का आदेश जारी करे, ताकि वे बेहतर इलाज करा सकें.
आसाराम पर गुरुकुल में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न करने का आरोप है. ये मामला साल 2013 का है. उसी मामले में साल 2018 में आसाराम को दोषी माना गया और उन्हें उम्रकैद की सजा सुना दी गई.

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