
आतंकवादी-गैंगस्टर सिंडिकेट के खिलाफ NIA का एक्शन, खालिस्तानी आतंकी अर्शदीप सिंह समेत 4 के खिलाफ चार्जशीट
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खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) के आतंकवादी अर्शदीप सिंह उर्फ डाला के तीनों सहयोगी उसके निर्देश पर भारत में एक बड़ा आतंकी-गैंगस्टर सिंडिकेट चला रहे थे. एनआईए ने कहा कि आरोपी माउर और राजपुरा स्लीपर सेल के रूप में काम कर रहे थे और उन्हें राजीव कुमार पनाह दे रहा था
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कनाडा में पनाह लिए बैठे खालिस्तानी आतंकवादी अर्शदीप सिंह और उसके तीन सहयोगियों के खिलाफ जार्जशीट दायर कर दी है. जिसके मुताबिक, ये सभी आतंकी पंजाब और दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में आतंकी हमलों की साजिश का हिस्सा थे. जार्जशीट में NIA के हवाले से कहा गया है कि यह कार्रवाई अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डाला द्वारा संचालित स्लीपर सेल को नष्ट करने के एनआईए के प्रयासों में एक बड़ी कामयाबी है.
पीटीआई के मुताबिक, एजेंसी ने एक बयान जारी करके कहा कि कनाडा में मौजूद अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डाला और उसके भारतीय एजेंटों हरजीत सिंह उर्फ हैरी मौर, रविंदर सिंह उर्फ राजविंदर सिंह उर्फ हैरी राजपुरा और राजीव कुमार उर्फ शीला के खिलाफ दिल्ली की स्पेशल एनआईए कोर्ट के समक्ष आरोप पत्र दायर किया गया है.
खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) के आतंकवादी अर्शदीप सिंह उर्फ डाला के तीनों सहयोगी उसके निर्देश पर भारत में एक बड़ा आतंकी-गैंगस्टर सिंडिकेट चला रहे थे. एनआईए ने कहा कि आरोपी माउर और राजपुरा स्लीपर सेल के रूप में काम कर रहे थे और उन्हें राजीव कुमार पनाह दे रहा था और तीनों ने डाला के इशारे पर उससे पैसा लेकर कई आतंकी हमलों को अंजाम देने की योजना बनाई थी.
NIA ने अपने बयान में कहा कि वे मौर और राजपुरा गिरोह के शूटर थे और उन्हें लक्षित हत्याओं को अंजाम देने का काम सौंपा गया था, जबकि राजीव कुमार उर्फ शीला को हैरी मौर और हैरी राजपुरा को शरण देने के लिए अर्श डाला से पैसा मिल रहा था.
एनआईए की जांच से यह भी पता चला है कि राजीव कुमार डाला के निर्देश पर अन्य दो के लिए रसद सहायता और हथियारों की व्यवस्था भी कर रहा था. जांच एजेंसी ने 23 नवंबर 2023 को मौर और राजपुरा को और 12 जनवरी, 2024 को राजीव कुमार को गिरफ्तार किया था. एनआईए ने कहा कि पूरे आतंकवादी-गैंगस्टर सिंडिकेट को नष्ट करने के लिए जांच जारी है.

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