
आज लॉन्च हो रही है डिजिटल करेंसी, UPI पेमेंट एप्स पर क्या असर पड़ेगा? : आज का दिन, 1 दिसंबर
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मैनपुरी उपचुनाव प्रचार में केसी त्यागी ने 2024 चुनाव को लेकर क्या कहा, ई-रुपी पेटीएम और गूगल पे वगैरह से किस तरह अलग है और टीटीपी ने किन वजहों से तोड़ा युद्धविराम? सुनिए 'आज का दिन' में.
यूपी में तीन सीटों पर उपचुनाव के लिए प्रचार जारी है. कल मैनपुरी में सपा की डिम्पल यादव के प्रचार मंच से दो बड़ी बातें निकल कर आईं. शिवपाल का एक बयान जिसमें वो अखिलेश को छोटे नेताजी कह रहे हैं. शिवपाल के इस बयान से मुलायम सिंह यादव के बाद यादव कुनबा एकजुट है ऐसी बातें होने लगी. दूसरा बयान जदयू महासचिव केसी त्यागी का है जिसमें उन्होंने कहा कि 2024 में हम सब एकजुट हैं और अखिलेश को दिल्ली भेजेंगे. उनके इस बयान से अगले लोकसभा चुनावों में सपा, राजद और जदयू के गठबंधन की बातें चलने लगीं. हालांकि ये अभी दूर की कौड़ी है..और ये एकता महज एक उपचुनाव के लिए थी लेकिन त्यागी के इस बयान को 2024 में विपक्षी एकता के लिहाज से किस तरह से देखना चाहिए? 'आज का दिन' में सुनने के लिए क्लिक करें.
------------------------------- आज से देश में आम लोगों के लिए डिजिटल करेंसी लॉन्च हो रही है. आरबीआई ने इसे डिजिटल इंडिया के लिहाज से बड़ी उपलब्धि और सुविधा बताया है. बाकी अनलाइन पेमेंट ऑप्शस से सुरक्षित भी. पहले फेज में चार बैंकों में ये सुविधा होगी, स्टेट बैंक,यस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और आईडीएफसी बैंक. उसके बाद चार और बैंकों जिनमें बैंक ऑफ बड़ौदा, एचडीएफसी बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और कोटक महिंद्रा बैंक हैं. अभी के लिए शहर भी चार चुने गए हैं. मुंबई,बैंगलोर, दिल्ली और भुवनेश्वर. थोड़े दिन बाद इस लिस्ट में अहमदाबाद, गंगटोक,गुवाहाटी हैदराबाद,इंदौर,कोच्चि, लखनऊ, पटना और शिमला को भी शामिल किया जाएगा. बैंकिंग कॉर्पोरेशन टैक्स डिजिटल के डायरेक्टर ने ये ऐलान करते हुए ये भी दावा किया कि ये डिजिटल करेंसीज मार्केट में चल रही कृपटोकरेंसीज का विकल्प हैं. जो इनसे ज्यादा भरोसेमंद और कंट्रोल्ड हैं. कैसे इसका इस्तेमाल किया जाएगा और क्या लॉंग टर्म में डिजिटल करेंसी इनका भी ऑप्शन बन सकती है? 'आज का दिन' में सुनने के लिए क्लिक करें.
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पाकिस्तान में फिर से शहबाज़ शरीफ़ की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. नए सेनाध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर कुछ ही दिन पहले अनसर्टेनिटी खत्म हुई ही की अब सामने एक और संकट है. पाकिस्तान में आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने सरकार के साथ सीजफायर के खात्मे का ऐलान कर दिया. ये सीज फायर हटने के साथ ही पाकिस्तान के क्वेटा में कई हमले भी हुए हैं. TTP को आमतौर पर पाकिस्तानी तालिबान के रूप में जाना जाता है. ये अफगान-पाकिस्तान सीमा पर स्थित एक प्रतिबंधित आतंकवादी ग्रुप है. इसका मुख्य मकसद पूरे पाकिस्तान में इस्लाम के अपने सख्त ब्रांड को लागू करना है. टीटीपी को 2007 में स्थापित किया गया था. अफ़ग़ानिस्तान में रह कर पाकिस्तान में हमले अंजाम देता रहा है ये संगठन. कई मौकों पर बातचीत की कोशिशें भी हुई पर बात बन नहीं सकी. मई में आखिरी बार पाकिस्तान और इस संगठन के बीच सीज फायर का ऐलान हुआ था. पाकिस्तान के पूर्व सेनाध्यक्ष कमर जावेद बाजवा उस समय कमान सम्हाल रहे थे. पर अब उनके पद से हटते ही सीजफायर टूट गया है. मई में जब सीजफायर का ऐलान हुआ था टीटीपी और पाकिस्तान के बीच तब क्या परिस्थितियाँ थीं और अभी क्या बदल गया है जिसके बाद ये सीजफायर खत्म हो गया? 'आज का दिन' में सुनने के लिए क्लिक करें.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

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