
'आज के राजा भेष तो बदलते हैं, लेकिन जनता के बीच नहीं जाते हैं...', प्रियंका गांधी का लोकसभा में जबरदस्त वार
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केरल के वायनाड सीट से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकसभा में पहली बार स्पीच दी और संविधान को लेकर एनडीए सरकार को घेरा. प्रियंका ने कहा, पहले राजा भेष बदलकर आलोचना सुनने जाते थे. लेकिन आज का राजा भेष तो बदलते हैं, शौक तो है उनको भेष बदलने का, लेकिन न जनता के बीच जाने की हिम्मत है और न आलोचना सुनने की.
संसद के शीतकालीन सत्र में शुक्रवार को 14वें दिन संविधान पर चर्चा हुई. केरल के वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने लोकसभा में केंद्र की एनडीए सरकार को घेरा. उन्होंने कहा, आज के राजा आलोचनाओं से डरते हैं. विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया जाता है. उन्हें सताया जाता है. पूरे देश का माहौल भय से भर दिया है.
उन्होंने कहा, मैं याद दिलाना चाहती हूं कि ऐसा डर का माहौल देश में अंग्रेजों के राज में था. जब इस तरफ बैठे हुए गांधी के विचारधारा के लोग आजादी की लड़ाई लड़ रहे थे, तब उस विचारधारा के लोग अंग्रेजों के साथ सांठ-गांठ कर रहे थे. लेकिन भय का भी अपना स्वभाव होता है. भय फैलाने वाले खुद भय का शिकार बन जाते हैं. आज इनकी भी यही हालत हो गई है. भय फैलाने के इतने आदी हो गए हैं कि चर्चा से डरते हैं. आलोचनाओं से डरते हैं.
'प्रधानमंत्री सिर्फ 10 मिनट के लिए दिखे'
उन्होंने कहा कि राजा भेष बदलकर आलोचना सुनने जाता था. लेकिन आज का राजा भेष तो बदलते हैं, शौक तो है उनको भेष बदलने का, लेकिन न जनता के बीच जाने की हिम्मत है और न आलोचना सुनने की. मैं तो सदन में नई हूं. सिर्फ 15 दिन से आ रही हूं. लेकिन मुझे ताज्जुब होता है कि इतने बड़े-बड़े मुद्दे हैं, प्रधानमंत्री जी सिर्फ एक दिन के लिए 10 मिनट दिखे हैं. बात ये है कि ये देश भय से नहीं, साहस और संघर्ष से बना है. इसको बनाने वाले देश के किसान, जवान, करोड़ों मजदूर और गरीब जनता है. संविधान इनको साहस देता है. मेहनती मिडिल क्लास है. इस देश के करोड़ों देशवासी हैं, जो रोजाना भयंकर परिस्थितियों का सामना करते हैं, उनको साहस देता है.
'ये देश उठेगा और लड़ेगा...'
प्रियंका ने कहा, संविधान ने साहस और आत्मविश्वास दिया है. ये देश भय से नहीं चलता है. भय की भी सीमा होती है और जब वो पार हो जाती है तो उसमें एक ऐसी शक्ति पैदा होती है, जिसके सामने कोई कायर नहीं खड़ा हो सकता. देश ज्यादा देर तक कायरों के हाथ में नहीं रहा है. ये देश उठेगा, लड़ेगा, सत्य मांगेगा. सत्यमेव जयते.

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