
आजम खान को मिली राहत, मानहानि मामले में कोर्ट ने किया बरी
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आजम खान के खिलाफ मुकदमा 2019 में हजरतगंज कोतवाली में दर्ज हुआ था. उन पर आरोप था कि उन्होंने मंत्री पद पर रहते हुए सरकारी लेटरहेड व मुहर का दुरुपयोग कर आरएसएस को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करने की कोशिश थी.
समाजवादी पार्टी (SP) सदस्य और रामपुर के पूर्व सांसद आजम खान को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. लखनऊ की MP/MLA कोर्ट ने आजम खान को मानहानि के मामले में बरी कर दिया है.
2019 में लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में आजम के खिलाफ एडवोकेट अललामा जमीर नकवी ने मामला दर्ज करवाया था. आजम खान पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने सरकारी लेटरहेड का गलत इस्तेमाल कर आरएसएस और शिया धर्मगुरु कल्बे जव्वाद को बदनाम कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छवि धूमिल कर प्रतिष्ठा को घोर आघात पहुंचाने का मामला दर्ज कराया था.
कोर्ट के इस फैसले के बाद आजम खान ने कहा कि यह फैसला बहुत ईमान वाला है. जज साहब को दुहाई दे सकता हूं. उनका शुक्रिया अदा कर सकता हूं. अदालतों से ही उम्मीद बची है. जो कानून है, वह न्याय की शक्ल में कायम रहे, जैसा आज हुआ है. कमजोरों को बहुत उम्मीद बंध जाएगी.
बता दें कि बीते सितंबर में आजम खान करीब 23 महीनों के बाद सीतापुर जेल से बाहर आए थे. उन्होंने जेल से बाहर निकलने के बाद कहा था कि प्रतिशोध तभी लागू होता है, जब मैंने किसी को नुकसान पहुंचाया हो. मैंने अच्छा व्यवहार किया है, यहां तक कि अपने दुश्मनों के साथ भी. कोई यह दावा नहीं कर सकता कि मैंने किसी के साथ अन्याय किया है.

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