
आईएम-सिमी से रहा है जुड़ाव, बेंगलुरु ब्लास्ट के आरोपी अब्दुल नजीर मदनी को सुप्रीम कोर्ट से एक महीने की अंतरिम जमानत
AajTak
अब्दुल नजीर मदनी, जो कि बेंगलुरू में साल 2008 में हुए ब्लास्ट का आरोप है, सुप्रीम कोर्ट ने उसे 1 महीने के लिए अंतरिम जमानत दे दी है. अब्दुल नजीर केरल में अपने गृहनगर जाने की अनुमति चाहता है.जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक उसे अपने मुकदमे की लंबित अवधि तक केरल में अपने गृहनगर जाने की अनुमति नहीं दी है.
बेंगलुरु ब्लास्ट मामले में मास्टरमाइंड आरोपी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के नेता अब्दुल नजीर मदनी की जमानत अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है. सुप्रीम कोर्ट ने अब्दुल नजीर मदनी को 1 महीने के लिए अंतरिम जमानत दे दी है. हालांकि कोर्ट ने मदनी को कर्नाटक पुलिस की सुरक्षा में जमानत पर रिहाई का आदेश दिया है. पुलिस सुरक्षा का सारा खर्चा मदनी वहन करेंगे.
राज्य सरकार ने किया जमानत का विरोध सुप्रीम कोर्ट में अब्दुल नजीर मदनी के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि मदनी के पिता का स्वास्थ्य ठीक नहीं है. कोर्ट ने राज्य सरकार के वकील से पूछा कि अभी केस की स्थिति क्या है, कोर्ट में राज्य सरकार ने कहा इस मामले में सुनवाई चल रही है. कोर्ट में सिब्बल ने अब्दुल नजीर मदनी को एक महीने के लिए शर्तों के आधार पर जमानत देने की मांग की. राज्य सरकार के वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा था कि मदनी आईएम, सिमी के साथ जुड़ा हुआ है और वह केरल में एक मुस्लिम फ्रंट का संस्थापक है जो प्रतिबंधित है. सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार से अब्दुल नजीर मदनी की जमानत पर जवाब मांगा था.
केरल जाने अनुमति नहीं बेंगलुरु ब्लास्ट मामले में आरोपी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के नेता अब्दुल नजीर मदनी ने अपनी जमानत शर्तों में राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई थी. पिछले छह वर्षों से बेंगलुरु में 11 साल जेल में काटने के बाद अब जमानत पर बाहर अब्दुल नजीर केरल में अपने गृहनगर जाने की अनुमति चाहता है.जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक उसे अपने मुकदमे की लंबित अवधि तक केरल में अपने गृहनगर जाने की अनुमति नहीं है.

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










