
आंध्र प्रदेश के CM जगन मोहन रेड्डी ने मंत्रिमंडल किया भंग, फेरबदल से पहले सभी 24 मंत्रियों ने सौंपा इस्तीफा
AajTak
Andhra Pradesh: मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के कहने पर सभी 24 मंत्रियों ने अपना इस्तीफा दे दिया है. अब मुख्यमंत्री 8 अप्रैल शुक्रवार को नए मंत्रियों की लिस्ट राज्यपाल को सौंपेंगे.
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी (YS Jagan Mohan Reddy) ने एक बड़े फेरबदल से पहले राज्य मंत्रिमंडल को भंग कर दिया. गुरुवार शाम को सीएम की मांग पर सभी 24 मंत्रियों ने अपना इस्तीफा भी दे दिया है. अब मुख्यमंत्री 8 अप्रैल शुक्रवार को नए मंत्रियों की लिस्ट राज्यपाल को सौंपेंगे. इसके बाद 11 अप्रैल को सुबह 11.30 बजे नए कैबिनेट मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी.
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के लीडर जगन मोहन रेड्डी ने जब 30 मई, 2019 को आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला था, तब उन्होंने घोषणा की थी कि वह ढाई साल के बाद अपनी पूरी कैबिनेट में बदलाव करेंगे और फिर एक नई टीम बनाएंगे. जगन कैबिनेट में यह बदलाव दिसंबर 2021 में किया जाना था, लेकिन कोविड के कारण स्थगित कर दिया गया था.
गौरतलब है कि युवजन श्रमिका रायथू कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने पहली बार आंध्र प्रदेश की 175 सदस्यीय विधानसभा में 151 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी और 8 जून, 2019 को सीएम जगन मोहन रेड्डी कैबिनेट को शपथ दिलाई गई थी. वहीं, अब पौने तीन साल बाद दोबारा से कैबिनेट का गठन कर जगन मोहन रेड्डी सियासी समीकरण साधने का दांव चल सकते हैं ताकि 2024 की चुनावी जंग को फतह कर दोबारा सत्ता में वापसी कर सकें.
बता दें कि आंध्र प्रदेश सरकार में विधायकों की संख्या के आधार पर मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 26 मंत्री हो सकते हैं. जगन रेड्डी ने 2019 में 25 सदस्यी मंत्रिमंडल का गठन किया था, जिसमें वह खुद भी शामिल थे.
हालांकि, साल 2020 में सीएम रेड्डी ने अपने दो कैबिनेट मंत्री रहे पिल्ली सुभाष चंद्र बोस और आर मोपीदेवी वेंकटरमण को राज्यसभा भेज दिया था. इन दोनों की जगह सीएस वेणुगोपाला कृष्णा और सीदिरी अप्पलाराजू को कैबिनेट में शामिल किया था. फरवरी में राज्य के आईटी और उद्योग मंत्री मेकापति गौतम रेड्डी के निधन से कैबिनेट में एक जगह खाली हुई.

ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश बेनकाब हुई है. पाकिस्तान को लेकर खुलासा हुआ है कि वो उसने अपने एजेंट्स की मदद से भारत में सीसीटीवी लगवाए, जिनके जरिए वीडियो पाकिस्तान भेजे जा रहे थे. गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान की इस साजिश को नाकाम किया. पाकिस्तान ने इजरायल से सीख लेकर ऐसा किया. इजरायल ने तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर खामेनेई को लेकर अहम जानकारी जुटाई थी. देखें वीडियो.

डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया को कन्फ्यूज कर दिया है. एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप और उनके दावे हैं. वहीं दूसरी तरफ इन दावों को आंख दिखाती हकीकत. सवाल ये है कि जंग की बिसात पर ट्रंप कौन सा खेल खेल रहे हैं. जंग की शुरुआत से अबतक डोनाल्ड ट्रंप अपनी आदत के मुताबिक अपने बयान बदल रहे हैं. दुर्भाग्य ये है कि ये जंग है. पहले दिन से वो कह रहे हैं कि हम जीत रहे हैं. जंग के 25 दिन बाद हकीकत कुछ और है. लेकिन वो कह रहे हैं कि उन्होंने ईरान को खत्म कर दिया है. फिर दबाव बढ़ाने के लिए उन्होंने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया. वहीं अचानक ये कहकर दुनिया को चौंका दिया कि 5 दिन युद्धविराम. ट्रंप की इन बातों ने बता दिया है कि उनके दिमाग में घोर कन्फ्यूजन है.

पश्चिम एशिया में बिगड़े हालातों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की बातचीत हुई है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी दी. पीएम मोदी ने कहा है कि उन्हें ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर बात हुई. भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है. देखें वीडियो.

मोहम्मद बाघेर जोलघादर, ईरान के नए सुरक्षा रणनीतिकार होंगे. ईरान ने अली लारीजानी की जगह पर मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति का ऐलान किया है. ईरान के सरकारी चैनल IRIB के मुताबिक सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति को मंजूरी दी है. ईरान का ये ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब बातचीत के राष्ट्रपति ट्रंप के एकतरफा ऐलान के बावजूद ईरान पलटवार से रुका नहीं. ईरान के हमलों से आज तेल अवीव में रिहाइशी इमारतों की बर्बादी की तस्वीरें आईं. उधर, इजरायल ने ईरान के खोर्रमशहर और इशफाहान में ऊर्जा केंद्रों पर हमले किए. इजरायल ने ईरान के कई शहरों में हमले किए हैं. बीती रात हुए हमलों से साफ है कि बातचीत के लिए 5 दिनों की जो मोहलत ट्रंप ने दी, उसका कोई नतीजा नहीं दिख रहा. इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब और UAE भी युद्ध में उतर सकते हैं. सवाल है कि इस युद्ध पर फुलस्टॉप कैसे लगेगा? क्या बातचीत के लिए ईरान को कथित तौर पर मोहलत देने का ट्रंप का दांव नाकाम है?









