
आंध्र प्रदेश एकमात्र राज्य है जो 3000 रुपये की पेंशन देता है: CM जगन मोहन रेड्डी
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पेंशन लाभार्थियों से बातचीत के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को अपने परिवार के सदस्यों से पूछना चाहिए कि चंद्रबाबू के शासन के दौरान उन्हें कितनी पेंशन मिलती थी. लेकिन अब हमारी वर्तमान सरकार 3000 रुपये दे रही है, जो देश के किसी अन्य राज्य में नहीं मिल रही है.
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी की मेमंथा सिद्धम यात्रा (Memantha Siddham Yatra) को कुरनूल में बड़ी संख्या में लोगों का समर्थन मिल रहा है. यात्रा के चौथे दिन मुख्यमंत्री जगन ने तुग्गली और रतना गांवों के लोगों से बातचीत की और सरकार द्वारा लागू की गई योजनाओं के बारे में बताया और लाभार्थियों से सुझाव भी लिए. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा, 'तुग्गली और रतना गांवों के दो सचिवालयों में लगभग 10,000 लोग हैं. हमने जनता के लिए ऐसा काम किया है जो अब तक किसी और सरकार ने नहीं किया. उन्होंने कहा कि जनता को पूछना चाहिए कि ऐसा पहले क्यों नहीं हुआ.
सीएम बोले-जनता को कल्याणकारी योजनाओं का मिला लाभ मुख्यमंत्री ने कहा कि तुग्गली गांव में 1,748 घरों (5200 की आबादी) में से हमने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से 1,666 घरों (95 प्रतिशत) को लाभान्वित किया है. पिछली सरकार में जो भी काम होता था, चाहे वह शौचालय हो, पेंशन हो, या सब्सिडी वाला लोन हो, बिना रिश्वत के काम नहीं होता था. उन्होंने कहा कि 58 महीनों में अकेले तुग्गली गांव में लाभार्थियों को 29.65 करोड़ रुपये का लाभ दिया गया. इसके अलावा 1,569 घरों वाले रतना गांव में हमने 95 प्रतिशत घरों को लाभान्वित किया है.
मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने आवास योजना (तुग्गली को 66 घर और रतना को 122 घर) और वाईएसआर आरोग्य श्री और आरोग्य आसरा योजना में लाभार्थियों की संख्या का भी उल्लेख किया. ये योजना मुफ्त चिकित्सा सुविधा देती हैं. उन्होंने सरकारी स्कूलों में बदलावों के बारे में भी बात की. सरकार ने सरकारी स्कूलों में आठवीं कक्षा के छात्रों को टैब दिए हैं. इसके अलावा डिजिटल शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए अंग्रेजी माध्यम को लागू किया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम इस चुनाव में सिर्फ एक विधायक या सांसद को चुनने के लिए वोट नहीं करते हैं, बल्कि चल रहे बदलावों को जारी रखने के लिए वोट करते हैं, जिससे गरीबों की आजीविका में सुधार हो है.
पेंशन लाभार्थियों से बातचीत के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को अपने परिवार के सदस्यों से पूछना चाहिए कि चंद्रबाबू के शासन के दौरान उन्हें कितनी पेंशन मिलती थी. लेकिन अब हमारी वर्तमान सरकार 3000 रुपये दे रही है, जो देश के किसी अन्य राज्य में नहीं मिल रही है.

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