
अमेरिका में बर्फबारी का कहर! न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी में इमरजेंसी, 16 हजार से ज्यादा फ्लाइट्स पर असर
AajTak
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार तड़के न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी, कनेक्टिकट और आसपास के इलाकों में बर्फ और बर्फीली बारिश देखने को मिली. हालात को देखते हुए न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी में 'वेदर इमरजेंसी' (मौसम आपातकाल) घोषित कर दिया गया.
अमेरिका के पूर्वोत्तर (नॉर्थईस्ट) हिस्से में बर्फबारी और बर्फीली बारिश के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. क्रिसमस के बाद यात्रा कर रहे हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, क्योंकि खराब मौसम के कारण शनिवार को बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द या देरी से संचालित हुईं. हालात को देखते हुए न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी में 'वेदर इमरजेंसी' (मौसम आपातकाल) घोषित कर दी गई.
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार तड़के न्यूयॉर्क, न्यूजर्सी, कनेक्टिकट और आसपास के इलाकों में बर्फ और बर्फीली बारिश हुई. प्रशासन ने खतरनाक हालात को देखते हुए लोगों को सड़कों पर न निकलने की सलाह दी.
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने कहा, “न्यूयॉर्क वासियों की सुरक्षा मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है. मैं इस तूफान के दौरान सभी से अत्यधिक सावधानी बरतने की अपील करती हूं.”
राष्ट्रीय मौसम सेवा (NWS) के अनुसार, सेंट्रल न्यूयॉर्क के सिरैक्यूज़ से लेकर लॉन्ग आइलैंड तक 6 से 10 इंच (15 से 25 सेंटीमीटर) तक बर्फ गिरी. वहीं न्यूयॉर्क सिटी में रातभर में 2 से 4 इंच बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि सेंट्रल पार्क में 4.3 इंच बर्फ जमी, जो वर्ष 2022 के बाद सबसे अधिक है.
मौसम वैज्ञानिक बॉब ओरावेक ने बताया कि भारी बर्फबारी का दौर थम चुका है और दोपहर तक हल्की बर्फबारी भी खत्म हो जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.

वेनेजुएला में मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब डॉनल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के मुंह 'खून लग गया है' और अब उनकी नज़रें क्यूबा और ईरान पर टिक गई हैं... और अब वो कह रहे हैं- ये दिल मांगे मोर...। ट्रंप की रणनीति अब सिर्फ दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीधे सत्ता परिवर्तन के खेल में उतर चुके हैं। क्या क्यूबा और ईरान ट्रंप की इस 'मोमेंटम' वाली कूटनीति का मुकाबला कर पाएंगे?










