
अमेरिका के फैसले से अपमानित हुए इमरान खान, पीएम मोदी को आया बुलावा
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बाइडेन ने 22 और 23 अप्रैल को होने वाले क्लाइमेट चेंज पर अपनी सरकार के पहले शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान की उपेक्षा की है. इससे पाकिस्तान आहत महसूस कर रहा है. अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडेन ने इस समिट में 40 देशों के नेताओं का आमंत्रित किया है जिनमें दक्षिण एशिया से भारत, बांग्लादेश और भूटान भी शामिल हैं लेकिन पाकिस्तान को इस समिट में नहीं बुलाया गया है.
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन इसी महीने क्लाइमेंट चेंज को लेकर वर्चुअल समिट कर रहे हैं जिसमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत साउथ एशिया से बांग्लादेश और भूटान सहित अन्य देशों के प्रमुखों को आमंत्रित किया गया है. लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को इसके लिए आमंत्रित नहीं किया गया है. पाकिस्तान की इस उपेक्षा को लेकर ये भी कहा जा रहा है कि अब अमेरिका के लिए पाकिस्तान की अहमियत कम हो चुकी है. पाकिस्तान की अवाम, सिविल सोसाइटी के लोग और पत्रकार भी इसे लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. (फाइल फोटो) बाइडेन ने 22 और 23 अप्रैल को होने वाले क्लाइमेट चेंज पर अपनी सरकार के पहले शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान की उपेक्षा की है. इससे पाकिस्तान आहत महसूस कर रहा है. पाकिस्तान के अखबार ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडेन ने इस समिट में 40 देशों के नेताओं का आमंत्रित किया है जिनमें दक्षिण एशिया से भारत, बांग्लादेश और भूटान भी शामिल हैं. (फाइल फोटो-PTI)
यूरोप में कुछ बेहद तेजी से दरक रहा है. ये यूरोपीय संघ और अमेरिका का रिश्ता है, जिसकी मिसालें दी जाती थीं. छोटा‑मोटा झगड़ा पहले से था, लेकिन ग्रीनलैंड ने इसे बड़ा कर दिया. डोनाल्ड ट्रंप लगातार दोहरा रहे हैं कि उन्हें हर हाल में ग्रीनलैंड चाहिए. यूरोप अड़ा हुआ है कि अमेरिका ही विस्तारवादी हो जाए तो किसकी मिसालें दी जाएंगी.

डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा चाहते हैं. उनका मानना है कि डेनमार्क के अधीन आने वाला यह अर्द्ध स्वायत्त देश अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी है. इसे पाने के लिए वे सैन्य जोर भी लगा सकते हैं. इधर ग्रीनलैंड के पास सेना के नाम पर डेनिश मिलिट्री है. साथ ही बर्फीले इलाके हैं, जहां आम सैनिक नहीं पहुंच सकते.

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