
अमेरिका की धरती से राजनाथ की चेतावनी, 'भारत को छेड़ा तो छोड़ेंगे नहीं'
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ी चेतावनी दी है. अमेरिका की धरती से उन्होंने साफ संदेश दिया है कि अगर भारत को छेड़ा जाएगा, तो उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा.
अमेरिका पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक कार्यक्रम के दौरान बिना किसी देश का नाम लिए बड़ी चेतावनी दे डाली है. उनकी तरफ से दो टूक कहा गया है कि अगर कोई भी भारत को छेड़ने का प्रयास करेगा, तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा. उनकी तरफ से ये तल्ख टिप्पणी सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में दी गई है.
चीन के खिलाफ सीमा पर दिखाए भारतीय जवानों के पराक्रम पर बात करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं खुलकर तो नहीं बता सकता कि हमारे भारतीय जवानों ने वहां पर क्या शौर्य दिखाया था. लेकिन मैं इतना जरूर कह सकता हूं कि एक स्पष्ट संदेश दिया गया है. भारत को अगर कोई छेड़ेगा तो भारत उसे छोड़ेगा नहीं. उन्होंने ये बयान उस समय दिया है जब चीन संग भारत की तनातनी का दौर जारी है. सीमा पर तनाव कम जरूर हुआ है, लेकिन कुछ क्षेत्रों को लेकर विवाद बना हुआ है.
वैसे बातचीत के दौरान राजनाथ सिंह ने बिना नाम लिए रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी एक अहम टिप्पणी की है. अभी इस समय अमेरिका द्वारा भारत पर कूटनीतिक दबाव बनाने का प्रयास हो रहा है. कोशिश है कि भारत, रूस के खिलाफ स्टैंड ले. अब उस दबाव के बीच रक्षा मंत्री ने कहा है कि भारत कभी भी 'जीरो सम गेम' की कूटनीति पर नहीं चलता है. उनके मुताबिक अगर किसी एक देश से भारत के रिश्ते अच्छे हैं, इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि दूसरे देश से रिश्ते खराब हो जाएंगे.
अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने भारत की दुनिया के सामने उभरती 'ताकतवर' छवि को लेकर भी विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि पिछले आठ सालों में मोदी सरकार ने भारत की छवि पूरी तरह बदल दी है. आज हर कोई भारत को एक ताकतवर देश के रूप में देखता है. आज भारत पूरी दुनिया को राह दिखाने की क्षमता रखता है. दुनिया को अब जाकर भारत की इस ताकत का अहसास हुआ है.
रक्षा मंत्री ने अमेरिका की धरती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की भी दिल खोलकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि भारत को कुछ ऐसे प्रधानमंत्री मिले हैं जो पद संभालने से पहले ही निपुण नेता बन चुके थे. इस लिस्ट में नरेंद्र मोदी और अटल बिहारी वाजपेयी को शामिल किया जा सकता है. वहीं देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पद संभालने के बाद नेता बन पाए थे.

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