
अफगान सैनिक सरहद छोड़ भागे ईरान, तालिबान ने किया कब्जा
AajTak
अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद तालिबान का अफगानिस्तान पर कब्जा बढ़ता जा रहा है. कई इलाकों में तालिबान के खौफ से अफगान सुरक्षा बल के जवान जान बचाकर पड़ोसी देशों में भाग रहे हैं. ताजिकिस्तान के बाद अफगान सुरक्षा बल के जवान सीमा पार कर ईरान पहुंच रहे हैं.
अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बीच तालिबान का अफगानिस्तान पर कब्जा बढ़ता जा रहा है. कई इलाकों में तालिबान के खौफ से अफगान सुरक्षा बल के जवान जान बचाकर पड़ोसी देशों में भाग रहे हैं. ताजिकिस्तान के बाद अफगान सुरक्षा बल के जवान सीमा पार कर ईरान पहुंच रहे हैं. (फोटो-Getty Images) न्यूयॉर्क टाइम्स के लिए ईरान से रिपोर्ट करने वाली पत्रकार फरनाज़ फ़स्सीह ने ट्वीट किया, 'ईरानी सीमा के पास सीमा शुल्क चौकी पर तालिबान का नियंत्रण है और अफगान सैनिक ईरान की ओर भाग रहे हैं. ऐसा ईरान की सरकारी मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है. ऐसा तब हो रहा है जब ईरान तालिबान और सरकारी प्रतिनिधि के साथ अफगानिस्तान शांति वार्ता की मेजबानी कर रहा है.' (फोटो-Getty Images) The Taliban take control of customs checkpoint near Iranian border & Afghan soldiers flee across to Iran, Iranian state media report. This happens as Iran hosts Afghanistan peace talks w/ the Taliban & government reps.
पाकिस्तान एक बार फिर भारत की सीमा में ड्रोन भेज रहा है. जनवरी से जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में छोटे और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन देखे गए हैं. सेना के मुताबिक ये आत्मघाती ड्रोन नहीं बल्कि निगरानी के लिए भेजे गए यूएवी हैं. माना जा रहा है कि पाकिस्तान भारत की सुरक्षा तैयारियों और प्रतिक्रिया समय को परखने की कोशिश कर रहा है.

भारत की विदेश नीति में राजनयिक तंत्र और राजनीतिक दबाव के बीच अंतर दिख रहा है. बांग्लादेश के साथ रिश्तों में नरमी के संकेत मिलने के बाद भी क्रिकेटर मुस्ताफिजुर रहमान को आईपीएल से हटाने का फैसला विवादित रहा है. इस फैसले के बाद बांग्लादेश ने भी कह दिया है कि वो टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगा.

अमेरिका ने 21 जनवरी से 75 देशों के लिए इमिग्रेंट वीजा प्रक्रिया पर अनिश्चितकालीन रोक लगाकर सख्ती बढ़ा दी है. हैरानी की बात यह है कि इस लिस्ट में पाकिस्तान-बांग्लादेश के साथ कुवैत, थाईलैंड और ब्राजील जैसे देश भी शामिल हैं. इस फैसले ने मानदंडों को लेकर विशेषज्ञों और प्रवासियों के बीच नई बहस छेड़ दी है.

ग्रीनलैंड में अमेरिका और नाटो देश अब सीधे आमने सामने आ गए हैं. ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस के तहत स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नार्वे समेत कई यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में अपनी सेनाएं भेजनी शुरू कर दी है. यह कदम डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार के बयानों के बाद उठाया गया है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने घोषणा की है कि फ्रांस की सेना का पहला दस्ते पहले ही रवाना हो चुका है और आगे और सैनिक भेजे जाएंगे.









