
अतीक की शान था ये लाल 'लोहा', अब सड़ रही पिता की वो निशानी जिसे बेपनाह प्यार करता था माफिया
AajTak
प्रयागराज में 15 अप्रैल की रात माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की तीन शूटर्स ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. इसके साथ ही अतीक अतीत का हिस्सा हो गया था. मगर, आज भी प्रयागराज में लोगों की जुबान पर उससे जुड़े सैकड़ों किस्से हैं. इसी में एक किस्सा है एक लाल रंग के ट्रैक्टर का.
भले ही माफिया अतीक अहमद अब इस दुनिया में नहीं रहा, मगर उससे जुड़े सैकड़ों किस्से लोगों की जुबां पर आज भी हैं. अतीक की हत्या से पहले यूपी सरकार ने माफिया के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाई कीं. उमेश पाल की हत्या के बाद उसके घर से लेकर कार्यालय तक बुलडोजर भी चला. मगर, कुछ ऐसी चीजें और निशान अभी भी बरकरार हैं, जिसकी वजह से लोग उसकी चर्चा करते हैं. इसी में शामिल है अतीक के पिता का मलबे में पड़ा लाल रंग का ट्रैक्टर.
ये ट्रैक्टर उस समय का है जब अतीक गुंडई की पाठशाला में पढ़ रहा था. ये ट्रैक्टर उसके अब्बू फिरोज अहमद ने खरीदा था. लिहाजा, अतीक उससे बहुत ही लगाव रखता था. अतीक को जब भी फुर्सत मिलती थी, वो ट्रैक्टर को चलाता था. इस ट्रैक्टर की पूरी कहानी समझाने के लिए आपको कुछ साल पीछे ले चलते हैं...
1980 के दशक में फिरोज ने खरीदा था लाल रंग का ट्रैक्टर
अतीक अहमद अतीक अहमद के अब्बू फिरोज अहमद परिवार के साथ प्रयागराज के कसारी मसारी के कसरिया गांव में रहा करते थे. 1980 के दशक में फिरोज ने लाल रंग का ट्रैक्टर खरीदा था. जिसे किसानों के बुलावे पर जोताई के लिए भेजा करते थे. इसके एवज में पैसे मिलते थे. मगर, कई साल बाद अतीक के अब्बू अपने पैतृक घर को छोड़कर चकिया में रहने लगे.

आयकर विभाग ने आयकर अधिनियम की धारा 133A के तहत जांच करते हुए 2019-20 से 2025-26 तक के छह वित्तीय वर्षों का लगभग 60 टेराबाइट ट्रांजेक्शनल डेटा खंगाला. जांच में सामने आया कि संबंधित बिलिंग सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल देशभर में एक लाख से अधिक रेस्टोरेंट करते हैं और यह भारत के रेस्टोरेंट बाजार का लगभग 10 प्रतिशत कवर करता है.

मेघालय के री-भोई जिले में बर्नीहाट के पास क्लिंकर से भरे ट्रक ने माउंट जियोन अकादमी की स्कूल बस को पीछे से टक्कर मार दी. हादसे में छात्र मैक्सवेल लिंगदोह की मौत हो गई, जबकि सात बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें गुवाहाटी अस्पताल भेजा गया. हादसे के बाद ट्रक चालक और हेल्पर फरार हो गए, पुलिस उनकी तलाश कर रही है.

पाकिस्तान में इमरान खान की जेल की हालत गंभीर होती जा रही है. उनके खिलाफ सियासी और सैन्य दबाव बढ़ रहा है. असिम मुनीर ने 5000 सैनिकों को तैनात कर विरोध को दबाने की कोशिश की है. इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति चिंताजनक है और उनकी आंख की रोशनी कमजोर हो गई है. सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल कमिटी गठित कर उनके इलाज का आदेश दिया है. विपक्ष और उनकी बहनों ने इमरान के रिहाई की मांग को लेकर सड़कों पर विरोध शुरू किया है.

क्या अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है? ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे? हालांकि अमेरिका के लिए सब इतना आसान भी नहीं होने वाला, क्योंकि ईरान पूरी ताकत से मुकाबला करने के लिए तैयार है.

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए ओडिशा सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. बरगढ़ जिले के पद्मपुर में तैनात एक ओडिशा प्रशासनिक सेवा अधिकारी को रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित कर दिया है. जिला कलेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर यह कदम उठाया गया. राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग ने साफ किया है कि विभाग में भ्रष्टाचार के लिए 'जीरो टॉलरेंस' नीति लागू है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

आजतक से खास बातचीत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बीजेपी में दो विचारधाराओं की बात कही. उन्होंने बताया कि एक विचारधारा अत्याचारी प्रकृति की है जबकि दूसरी नहीं. उन्होंने बटुकों के सम्मान के लिए ब्रजेश पाठक की प्रशंसा की. साथ ही समाजवादी पार्टी और बीजेपी दोनों को राजनीतिक पार्टियों के रूप में बताया. सीएम योगी पर उन्होंने खुलकर वार किए. देखें वीडियो.

यह वीडियो भारत में हो रहे एआई समिट, उत्तर प्रदेश की राजनीतिक तनावपूर्ण सियासत और संघ परिवार की मुसलमानों की घर वापसी से जुड़ी राय पर केंद्रित है. सुंदर पिचाई ने भारत में टैलेंट की घर वापसी पर आशावादी विचार व्यक्त किए हैं. वहीं, उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण राजनीति और शंकराचार्य विवाद ने सियासी हलचल बढ़ाई है. साथ ही संघ प्रमुख और मुस्लिम नेताओं के बीच घर वापसी को लेकर बयानबाजी जारी है. देखें खबरदार.

सेंट्रल इंडिया के पूर्व माओवादी नेता भूपति ने लगभग 40 सालों के हथियारबंद संघर्ष के बाद 15 अक्टूबर 2025 को गढ़चिरोली में 60 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का ऐतिहासिक फैसला किया. 70 साल भूपति ने कहा कि देश की बदलती सामाजिक-राजनीतिक स्थितियों में सशस्त्र क्रांति अब व्यावहारिक नहीं रही. उन्होंने बताया कि संगठन 2013 के बाद जनता से कट चुका था, जिससे अंत की शुरुआत हुई.

अकोला में भाजपा के अकोट शहर अध्यक्ष को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से सिग्नल ऐप पर 2 करोड़ रुपये की रंगदारी की धमकी मिली है. धमकी मिलने के बाद पुलिस ने शहर अध्यक्ष की सुरक्षा बढ़ा दी है. सूत्रों के अनुसार, शुभम लोणकर नामक आरोपी पर शक है, जिसके गैंग से संबंध बताए जा रहे हैं. पुलिस तकनीकी जांच कर रही है, लेकिन आधिकारिक बयान देने से बच रही है.




