
अंदर हमास के आतंकी, बाहर इजरायली सेना... गाजा के अस्पतालों में फंसे मरीज बेहाल, जारी है हमला
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गाजा में इजरायली सेना ने अल शिफा समेत चार बड़े अस्पतालों को घेर रखा है. हमले भी जारी हैं. इस जंगी कार्रवाई के दौरान इजरायली सेना ने जमीनी लड़ाई में हमास के 100 आतंकियों को मार डाला है, वहीं 30 फाइटर्स को अपने कब्जे में ले लिया है.
Israel-Hamas War: इजरायली सेना जल्द से जल्द गाजा पट्टी से हमास का सफाया करने में जुटी है. उसकी अलग-अलग ब्रिगेड, गाजा के अलग-अलग इलाकों में युद्ध को आगे बढ़ा रही है. इजरायली सेना मध्य-पूर्व की सबसे शक्तिशाली सेना मानी जाती है. उसी सेना ने गाजा में हमास की दो इमारतों को जोरदार धमाके से उड़ा दिया है. गाजा पर जमीनी आक्रमण करने के बाद इजरायली सेना हमास लड़ाकों के हमले के बीच आगे बढ़ रही है. इजरायल की फौज अब हमास को पूरी तरह से खत्म कर देना चाहती है, लेकिन इस दौरान गाजा के अस्पतालों को लेकर इजरायल भी सवालों के घेरे में है.
हारेल ब्रिगेड ने मचाई तबाही इजरायली सेना की हारेल ब्रिगेड गाजा पट्टी के एक्लकरमेन इलाके में हमास के ठिकानों को तबाह करती हुई आगे बढ़ रही है. इजरायली सेना ने एक वीडियो जारी कर दिखाया है कि उसके सैनिक गाजा में कितनी भीषण जंग लड़ रहे हैं. इजरायली सेना की हारेल ब्रिगेड रिजर्व ब्रिगेड है, जो दक्षिण इजरायल में तैनात थी और अब गाजा पट्टी में हमास का सफाया करने में जुटी है.
एंटी टैंक मिसाइल पॉजिशन को उड़ाया इस कार्रवाई के दौरान हारेल ब्रिगेड ने लंबी दूरी का रॉकेट लॉन्चर तबाह किया, जिससे इजरायल को निशाना बनाया जाता था. इसी से एंटी टैंक मिसाइल पॉजिशन को उड़ाया गया है, जहां से इजरायली टैंकों को निशाना बनाया जा रहा था. हमास की सुरंग, निगरानी पोस्ट बर्बाद कर दी गई हैं, जहां से हमास इजरायली सेना की निगरानी और उन पर हमले कर रहा था.
इस जंगी कार्रवाई के दौरान इजरायली सेना ने जमीनी लड़ाई में हमास के 100 आतंकियों को मार डाला है, वहीं 30 फाइटर्स को अपने कब्जे में ले लिया है.
दो हिस्सों में बंटी गाजा पट्टी गाजा पट्टी को दो हिस्सों में बांट चुकी इजरायली सेना के सामने अब मैदान खुला है. ज्यादातर फिलिस्तीनी दक्षिण गाजा में शिफ्ट हो चुके हैं और उत्तरी गाजा में इजरायली सैनिकों के सिवाय अब जो नजर आता है, वो हैं हमास के आतंकी. और इजरायली सेना ये प्रण कर चुकी है कि गाजा से हमास को नामोनिशान मिटाकर रहेगी.
हमास के पास है देसी एंटी-टैंक रॉकेट हमास का दावा है कि ये रॉकेट उसने इसी साल यानी 2023 में तैयार किया है. इसकी मारक रेंज 150 मीटर है. इसका वजह साढे 4 किलो है. इसमें 1 किलो 400 ग्राम विस्फोटक रहता है. इसका वॉरहेड गर्मी से चार्ज होता है. ये रिएक्टिव आर्मर को 600 मिलीमीटर तक और बिना रिएक्टिव वाले आर्मर को 750 एमएम तक भेद सकता है. इसे कंधे से फायर किया जाता है और ये रॉकेट दो हिस्सों में होता है. अगला हिस्सा नुकीला होता है जो कवच के भेदता है और दूसरे हिस्से में विस्फोटक होता है, जो धमाका कर टैंक को तबाह कर देता है.

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पिछले साल के आखिरी महीनों में डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में चल रही हमास और इजरायल की जंग को खत्म करने के लिए प्लान दिया. बीस-सूत्रीय योजना में बोर्ड ऑफ पीस बनाने का भी प्रस्ताव था. ये बोर्ड गाजा पट्टी को दोबारा बसाने और वहां सरकार बनाने पर काम करेगा. इसकी स्थायी सदस्यता के लिए मोटी रकम चुकानी होगी, वो भी नकद में.

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