
अंजलि केस: 6 दिन, 6 थ्योरी... आरोपियों के झूठ के जाल में उलझी पुलिस... इन 6 सवालों का सच आएगा सामने?
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दिल्ली के कंझावला केस में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. लेकिन इन खुलासों से अंजलि केस सुलझने की बजाय उलझता जा रहा है. अब पता चला है कि हादसे के वक्त कार में सिर्फ चार लोग थे. जबकि पुलिस ने पहले कहा था कि एक्सीडेंट के समय कार में 5 लोग थे. इतना ही नहीं कार दीपक नहीं अमित चला रहा था.
1 जनवरी को दिल्ली के कंझावला इलाके में 20 साल की अंजलि का शव नग्न और क्षत विक्षत अवस्था में मिला था. पुलिस ने बताया था कि अंजलि की स्कूटी का कार से एक्सीडेंट हुआ था, इसके बाद उसका पैर कार में फंस गया था. कार सवार आरोपी अंजलि को 12 किलोमीटर तक घसीटते रहे, इससे उसकी मौत हो गई. घटना को 6 दिन हो गए हैं, 6 आरोपी भी गिरफ्तार हो चुके हैं. लेकिन पुलिस अभी तक मामले का पूरी तरह से खुलासा नहीं कर पाई है. पुलिस इसे लेकर हर रोज ऐसे खुलासे कर रही है, जिससे थ्योरी सुलझने के बजाय उलझती जा रही है. आईए जानते हैं कि घटना के बाद से 6 दिन में क्या क्या हुआ और पुलिस आरोपियों के जाल मे कैसे उलझी रही...1 जनवरी : पुलिस ने साधारण एक्सीडेंट बताया
1 जनवरी की सुबह करीब 3.15 बजे एक राहगीर ने कार के पीछे लाश घिसटती हुई देखी. इसके बाद उसने पुलिस को करीब 3.24 बजे कॉल की. एक राहगीर ने एक कार के पीछे लाश लटकी होने की जानकारी दी थी. इसके बाद पुलिस ने कॉल के आधार पर तत्काल आसपास के इलाकों में तैनात टीम को अलर्ट किया और कार की तलाश में जुट गई. 4 बजे के बाद पुलिस को दूसरी कॉल आई, इसमें बताया गया कि एक लड़की का शव कंझावला में मिला है. इसके बाद पुलिस 4.40 बजे शव तक पहुंची. पुलिस शव देखकर हैरान रह गई. उसके जिस्म पर कोई कपड़ा तक नहीं था. लाश की हालत ऐसी थी कि दिल दहल जाए. इसके बाद आसपास पुलिस ने जांच की, तो उसी इलाके में एक स्कूटी दुर्घटनाग्रस्त मिली. पुलिस ने स्कूटी के नंबर के आधार पर अंजलि की पहचान की.
पुलिस ने बताया कि मामला एक्सीडेंट का है. पुलिस ने एक्सीडेंट की धाराओं में केस दर्ज किया. पुलिस ने बताया कि बलेनो कार से अंजलि की बाइक की टक्कर हुई. इस टक्कर के बाद उसका पैर कार में फंस गया. इसके बाद वह 4 किमी तक घिसटती गई. पुलिस ने बताया कि मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. कार भी जब्त कर ली है. आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने दावा किया कि कार दीपक चला रहा था और आरोपियों को यह नहीं पता था कि कार में शव फंसा है. जब उन्होंने देखा, तब तक अंजलि की मौत हो चुकी थी. इसके बाद वे शव छोड़कर फरार हो गए.
2 जनवरी: पुलिस की थ्योरी पर उठे सवाल? एक्सीडेंट की थ्योरी पर सवाल उठने लगे. मृतक लड़की के परिवार ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. चश्मदीद ने दावा किया कि पुलिस पीसीआर को लगातार कई बार कॉल की गई. लेकिन पुलिस ने दिलचस्पी नहीं दिखाई. परिवार ने इस केस की तुलना निर्भया केस से की है. जब पुलिस ने खुद चौतरफा घिरा देखा, तो मामले में गैर इरादतन हत्या की धारा जोड़ी.
पुलिस ने दावा किया कि पीड़िता के साथ रेप नहीं हुआ. पुलिस ने कहा कि पीड़िता से रेप और मर्डर का गलत दावा किया जा रहा है. पुलिस ने कहा कि ये कोई मर्डर या रेप का मामला नहीं है. गंभीर एक्सीडेंट का मामला है. 5 लड़कों को गिरफ्तार किया है.
3 जनवरी: अंजलि की सहेली की एंट्री

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