
US: अलबामा के नाइट क्लब में फायरिंग, चार की मौत, 9 घायलों का चल रहा इलाज
AajTak
पुलिस प्रवक्ता ट्रूमैन फिट्जगेराल्ड ने कहा कि तीन लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जिनमें फुटपाथ पर एक आदमी और नाइट क्लब के अंदर दो महिलाएं शामिल हैं. वहीं चौथे पीड़ित को बर्मिंघम के यूएबी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया.
अमेरिकी राज्य अलबामा के बर्मिंघम के एक नाइट क्लब में शनिवार रात गोलीबारी हुई जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और नौ अन्य घायल हो गए. फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. स्थानीय अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है.
गोलीबारी में चार लोगों की मौत
घटना रात 11 बजे के बाद की है जब अधिकारियों को बर्मिंघम शहर के एक नाइट क्लब में गोलीबारी की सूचना मिली. घटनास्थल पर पहुंचने पर उन्हें क्लब के अंदर और बाहर कई पीड़ित मिले.
पुलिस प्रवक्ता ट्रूमैन फिट्जगेराल्ड ने कहा कि तीन लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जिनमें फुटपाथ पर एक आदमी और नाइट क्लब के अंदर दो महिलाएं शामिल हैं. वहीं चौथे पीड़ित को बर्मिंघम के यूएबी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया.
9 पीड़ितों का चल रहा इलाज
फिट्जगेराल्ड ने कहा, 'वर्तमान में यूएबी अस्पताल में कम से कम 9 अन्य पीड़ितों का इलाज चल रहा है, जिन्हें इस फायरिंग के दौरान गोली मारी गई.' उन्होंने कहा, 'डिटेक्टिव यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि गोलियां किस कारण से चलाई गईं और पीड़ितों को क्यों गोली मारी गई. हालांकि, हमारा मानना है कि कम से कम एक संदिग्ध ने सड़क से नाइट क्लब में गोलियां चलाईं.'

ईरान की राजधानी तेहरान में होने वाले विरोध प्रदर्शनों ने हालात को काफी गंभीर बना दिया है. जनता और सत्ता पक्ष के बीच भारी तनाव है जबकि अमेरिका भी लगातार दबाव बढ़ा रहा है. ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति पर तगड़ा हमला किया है. वहीं, अरब सागर की ओर अमेरिकी युद्धपोत की मौजूदगी से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.

मिडिल ईस्ट में अमेरिका के बढ़ते सैन्य दबाव के बीच सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि चीन ने ईरान को अब तक का सबसे बड़ा मिलिट्री एयरलिफ्ट भेजा है. 56 घंटों के भीतर चीन के 16 Y-20 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान ईरान पहुंचे. इसके अलावा HQ-9B एयर डिफेंस मिसाइल प्रणाली मिलने की भी चर्चा है जो लंबी दूरी तक दुश्मन के फाइटर जेट्स और मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम मानी जाती है. ऐसे में क्या क्या खुलकर ईरान के समर्थन में उतर गया बीजिंग?

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से पहले पाकिस्तान पर दबाव और विरोध का स्तर बढ़ गया है. पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने स्थानीय सड़कों पर पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए, जिनमें पाकिस्तानी सेना और प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगे. वे आरोप लगाते हैं कि सेना जबरन गायब करने, फर्जी मुठभेड़ों में हत्याओं और खनिज संसाधनों की लूट में शामिल है.

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद जायेद अल नहयान के भारत दौरे ने पाकिस्तान में फिर से पुरानी डिबेट छेड़ दी है. पाकिस्तान के विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तानी नेतृत्व की वजह से हमें भारत की तुलना में हमेशा कमतर आंका जाता है. पाकिस्तान में इस दौरे को मिडिल ईस्ट मे पैदा हुए हालात और सऊदी अरब -पाकिस्तान के संबंधों के बरक्श देखा जा रहा है.

यूरोप में कुछ बेहद तेजी से दरक रहा है. ये यूरोपीय संघ और अमेरिका का रिश्ता है, जिसकी मिसालें दी जाती थीं. छोटा‑मोटा झगड़ा पहले से था, लेकिन ग्रीनलैंड ने इसे बड़ा कर दिया. डोनाल्ड ट्रंप लगातार दोहरा रहे हैं कि उन्हें हर हाल में ग्रीनलैंड चाहिए. यूरोप अड़ा हुआ है कि अमेरिका ही विस्तारवादी हो जाए तो किसकी मिसालें दी जाएंगी.








