
UPS ने सुलझाया पेंशन का सवाल, क्या MSP और अग्निवीर पर भी कोई फॉर्मूला लाएगी सरकार?
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मोदी सरकार ने हाल ही में रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों की पेंशन को लेकर बड़ा ऐलान किया है. सरकार ने पिछले हफ्ते ही यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को मंजूरी दी है. ये योजना अप्रैल 2025 से लागू होगी. ऐसे में उम्मीद जगी है कि सरकार MSP की लीगल गारंटी और अग्निवीरों को लेकर भी कुछ बड़ा ऐलान कर सकती है.
बहुमत से थोड़ी कम सीटें जीतकर तीसरी बार सत्ता में आई मोदी सरकार कई चौंकाने वाले फैसले ले चुकी है. इन्हीं फैसलों में से एक है नई पेंशन योजना का ऐलान. मोदी सरकार ने पिछले हफ्ते ही एक नई पेंशन योजना को मंजूरी दी है, जिसे 'यूनिफाइड पेंशन स्कीम' या 'UPS' नाम दिया गया है. सरकार ने ये ऐलान ऐसे वक्त किया है, जब लंबे समय से कर्मचारी संगठन और विपक्षी पार्टियां पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) को लागू करने की मांग कर रही हैं. रिटायर होने पर फिलहाल नेशनल पेंशन स्कीम यानी NPS के तहत पेंशन मिलती है. ये स्कीम जनवरी 2004 से लागू है.
UPS में रिटायरमेंट के बाद एक निश्चित पेंशन की व्यवस्था की गई है जबकि, NPS में ऐसा नहीं था. NPS में कर्मचारियों से हर महीने उनकी सैलरी का 10% जमा कराया जाता था. इसमें सरकार भी 14% कंट्रीब्यूट करती थी, जिसे शेयर मार्केट में इन्वेस्ट किया जाता था. रिटायरमेंट के बाद जो भी पेंशन बनती थी, वो कर्मचारियों को एकमुश्त मिल जाती थी. UPS में हर महीने एक निश्चित पेंशन की व्यवस्था की गई है. सरकार का कंट्रीब्यूशन भी बढ़ाकर 18.5% किया गया है. इसके अलावा, अगर कर्मचारी की मौत हो जाती है, तो उसके परिवार को उसकी पेंशन का 60% हर महीने मिलता रहेगा.
विपक्ष ने मोदी सरकार के इस ऐलान पर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने लिखा कि 'UPS में U का मतलब मोदी सरकार का यू-टर्न है. चार जून के बाद जनता की ताकत प्रधानमंत्री के सत्ता के अहंकार पर हावी हो गई है.'
विपक्ष का ये आरोप बेवजह नहीं है. लोकसभा चुनाव और उससे पहले कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में OPS एक बड़ा मुद्दा रहा. जिन राज्यों में कांग्रेस या विपक्षी पार्टी की सरकार बनी, वहां OPS लागू भी कर दी गई. 2022 में हिमाचल में कांग्रेस की सरकार आने के बाद यहां फिर OPS को लागू कर दिया गया. इसी तरह पंजाब में भी आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद OPS के तहत ही पेंशन दी जाने लगी.
इसी साल जून में बजट से पहले कई ट्रेड यूनियनों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की थी और उनसे NPS खत्म कर OPS को लागू करने की मांग की थी. अब UPS का फैसला ऐसे वक्त लिया गया, जब हफ्तेभर पहले ही जम्मू-कश्मीर और हरियाणा के विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हुआ है. इसी साल के आखिरी में महाराष्ट्र और झारखंड में भी चुनाव होने हैं. अगले साल की शुरुआत में दिल्ली में भी विधानसभा चुनाव हैं. ये वो राज्य हैं, जहां केंद्र सरकार के कर्मचारियों की संख्या ठीक-ठाक है.
पेंशन के बाद MSP की लीगल गारंटी की बारी?

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