
UP: हफ्ते में पांच दिन खुलेंगी दुकानें, वीकेंड लॉकडाउन, जानें कोरोना कर्फ्यू में क्या खुलेगा क्या रहेगा बंद
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UP Corona Curfew Update: यूपी में कोरोना कर्फ्यू को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. जिन जिलों में 600 से अधिक कोरोना के एक्टिव केस हैं, वहां कोई ढील नहीं दी जाएगी. जबकि 600 से कम एक्टिव केस वाले ज़िलों में सुबह 7 से शाम 7 तक बाज़ार खुलेंगे. वीकेंड लॉकडाउन जारी रहेगा.
Uttar Pradesh Lockdown Guidelines: यूपी में 20 जिलों को छोड़कर बाकी सभी जिलों में कोरोना कर्फ्यू (Corona Curfew) में ढील दी गई है. कोरोना कर्फ्यू में ये ढील 1 जून से लागू होगी. प्रदेश में अब सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक 5 दिन दुकानें खोली जा सकेंगी. शनिवार और रविवार को पूरे यूपी में वीकेंड लॉकडाउन रहेगा. कोरोना कर्फ्यू की नई गाइडलाइन के मुताबिक, जिन जिलों में 600 से अधिक कोरोना के एक्टिव केस हैं, वहां कोई ढील नहीं दी जायेगी. 600 से कम केस वाले ज़िलों में ही ढील होगी. इन जिलों में कोरोना कर्फ्यू में ढील नहीं
आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









