
UP: शादी के मंडप से उठकर दूल्हा और दुल्हन ने ली मतदान की शपथ, लोगों को भी किया जागरूक
AajTak
उत्तर प्रदेश के बांदा (UP Banda) जिले में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम (Voter Awareness Program) के तहत न्यू कपल्स ने लोगों को मतदान के प्रति जागरूक किया. यहां दूल्हा और दुल्हनों ने शादी की रस्मों से पहले एक कार्यक्रम में शामिल होकर संयुक्त रूप से लोगों से मतदान करने की अपील की.
उत्तर प्रदेश के बांदा (UP Banda) जिले में देर रात एक अनोखा कार्यक्रम देखने को मिला. यहां जिला प्रशासन ने मतदाताओं को जागरूक (Voter Awareness Program) करने के लिए अनूठी पहल शुरू की. डीएम की पहल पर यहां मतदाता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसी के तहत क्षेत्र में जितनी शादियां हुईं, उन सभी दूल्हा दुल्हनों को बुलाकर मतदान की शपथ दिलाई. इसके साथ ही दूल्हा दुल्हनों ने भी एक मंच पर आकर लोगों से 23 फरवरी को मतदान करने की अपील की.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









