
UP की सियासत में ब्राह्मण किंगमेकर, BJP के लिए ट्रंप कार्ड साबित होंगे जितिन प्रसाद?
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पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के नेता रहे जितिन प्रसाद की बुधवार को बीजेपी में एंट्री को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. जितिन प्रसाद को यूपी में कांग्रेस का ब्राह्मण चेहरा माना जाता रहा है, हालांकि उनका अपने समाज के वोटों पर कितना असर है इसे लेकर लोगों की राय बंटी हुई है
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को विपक्षी दल लगातार ब्राह्मण विरोधी साबित करने में जुटे हैं. बीजेपी भी स्थिति को भांपकर चुनाव से पूर्व अपने सामाजिक समीकरण दुरुस्त करने में जुट गई है. पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद की बुधवार को बीजेपी में एंट्री को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. जितिन प्रसाद को यूपी में कांग्रेस का ब्राह्मण चेहरा माना जाता है, हालांकि उनका अपने समाज के वोटों पर कितना असर है इसे लेकर लोगों की राय बंटी हुई है. कांग्रेस छोड़ भगवा झंडा थामते ही जितिन प्रसाद बीजेपी को असरदार और मजबूत जनाधार वाले नेता नजर आ रहे हैं. जितिन प्रसाद के बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करने का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने स्वागत किया और कहा, इससे प्रदेश में बीजेपी को मजबूती मिलेगी. वहीं, कांग्रेस की नजर में अब जितिन 'प्रभावहीन' हैं. कांग्रेस का तर्क है कि इतने प्रभावशाली होते तो वो दो लोकसभा और एक विधानसभा चुनाव नहीं हारते?
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