
Team India Pacers vs Spinners: पेस बैटरी या स्पिन मंडली, चैम्पियंस ट्रॉफी में भारत के तेज गेंदबाज vs स्पिनर्स... कौन पड़ा किस पर भारी, देखें आंकड़े
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Team India Pacers vs Spinners in CT 2025: चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 का किला टीम इंडिया फतह कर चुकी है. ऐसे में सवाल है कि आखिर इस टूर्नामेंट में भारत के पेसर भारी रहे या भारत के स्पिनर्स... आइए आपको बताते हैं.
Team India Pacers vs Spinners, Champions Trophy: चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 टीम इंडिया के नाम हो चुकी है. ऐसे में हमने यह जानने की कोशिश की इस टूर्नामेंट में भारतीय तेज गेंदबाज vs स्पिनर्स में कौन आगे रहा? भारतीय टीम ने चैम्पियंस ट्रॉफी का खिताबी मुकाबला 4 विकेट से अपने नाम किया. वहीं, इस मुकाबले को जीतकर भारतीय टीम ने उन सारे सवालों को भी पीछे छोड़ दिया, जो टीम में स्पिनर्स को लेकर उठ रहे थे. टीम इंडिया को स्क्वॉड को लेकर ये सवाल उठ रहे थे कि वो आखिर अपने स्क्वॉड में 5 स्पिनर्स लेकर क्यों गए..?
लेकिन कुल मिलाकर भारतीय टीम के लिए स्पिनर्स ही दुबई के मैदान पर 'एक्स फैक्टर' साबित हुए. चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में भी न्यूजीलैंड की कमर तोड़ने का काम 'स्पिन-मंडली' ने ही किया. वहीं, भारत की पेस बैटरी के अगुआ मोहम्मद शमी रहे, जिन्होंने टूर्नामेंट में कुल 9 विकेट हासिल किए. वहीं शुरुआती दो मुकाबलों में हर्षित राणा तो बाद में शमी का साथ हार्दिक पंड्या ने दिया.
9 मार्च को भारतीय टीम ने चैम्पियंस ट्रॉफी का खिताबी मुकाबला अपने नाम किया. लेकिन उससे पहले आपको, टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले ले चलते हैं. जहां भारतीय टीम के स्क्वॉड को लेकर ही सवाल उठ गए थे. टूर्नामेंट के लिए भारतीय स्क्वॉड में 5 स्पिनर्स (अक्षर पटेल, रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती) को शामिल किया गया.
रोहित को भी तब सवालों के बाउंसर झेलने पड़े. रोहित को टूर्नामेंट की शुरुआत में सफाई देनी पड़ी, हिटमैन ने कहा- पहली बात तो ये कि उनके पास 2 स्पिनर (कुलदीप, वरुण चक्रवर्ती) और 3 ऑलराउंडर (अक्षर पटेल, रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर) हैं. वो उनको 5 स्पिनरों के रूप में नहीं देख रहे हैं. रोहित ने यह भी कहा था कि जडेजा, अक्षर, सुंदर बल्लेबाजी में गहराई देते हैं.
रोहित की यह बात सही साबित हुई, क्योंकि जिस कॉम्बिनेशन ( 2 स्पिनर और 2 स्पिन ऑलराउंडर) के साथ टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड (लीग मैच) और ऑस्ट्रेलिया (सेमीफाइनल) संग और फिर कीवियों के खिलाफ फाइनल खेला और विपक्षी टीमों की सारी योजनाएं फ्लॉप साबित हुईं.

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












