
Sri Lanka Crisis: अरबों डॉलर का कर्ज, देश में आपातकाल, बेशुमार महंगाई... जानें कैसे कंगाल हो गया श्रीलंका
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श्रीलंका में राजनीतिक और सामाजिक हालात बेकाबू हो चले हैं. चार दिन पहले पूरे देश में इमरजेंसी लगा दी गई. जाफना में तमिलियंस के नरसंहार से लेकर देश को कर्ज में डूबोने तक के गंभीर इल्जाम झेलते रहे हैं महेंद्र राजपक्षे ने कल श्रीलंका के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. हंबनटोटा में राजपक्षे का घर जला दिया गया. महेंद्र राजपक्षे के इस्तीफे के साथ ही हिंसा भड़क उठी. हिंसा के बीच फंसे एक सांसद ने खुद को गोली मार ली. दरअसल बेकाबू भीड़ ने उन्हें घेर लिया था. फिलहाल कोलंबो में कर्फ्यू लगा हुआ है. कम से कम गुरूवार तक कर्फ्यू लगा रहेगा. अब सवाल उठता है कि दिवालिया होने के कगार पर खड़े श्रीलंका का भविष्य क्या है?

ईरान की राजधानी तेहरान में होने वाले विरोध प्रदर्शनों ने हालात को काफी गंभीर बना दिया है. जनता और सत्ता पक्ष के बीच भारी तनाव है जबकि अमेरिका भी लगातार दबाव बढ़ा रहा है. ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति पर तगड़ा हमला किया है. वहीं, अरब सागर की ओर अमेरिकी युद्धपोत की मौजूदगी से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.

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स्विट्ज़रलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से पहले पाकिस्तान पर दबाव और विरोध का स्तर बढ़ गया है. पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने स्थानीय सड़कों पर पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए, जिनमें पाकिस्तानी सेना और प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगे. वे आरोप लगाते हैं कि सेना जबरन गायब करने, फर्जी मुठभेड़ों में हत्याओं और खनिज संसाधनों की लूट में शामिल है.

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद जायेद अल नहयान के भारत दौरे ने पाकिस्तान में फिर से पुरानी डिबेट छेड़ दी है. पाकिस्तान के विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तानी नेतृत्व की वजह से हमें भारत की तुलना में हमेशा कमतर आंका जाता है. पाकिस्तान में इस दौरे को मिडिल ईस्ट मे पैदा हुए हालात और सऊदी अरब -पाकिस्तान के संबंधों के बरक्श देखा जा रहा है.

यूरोप में कुछ बेहद तेजी से दरक रहा है. ये यूरोपीय संघ और अमेरिका का रिश्ता है, जिसकी मिसालें दी जाती थीं. छोटा‑मोटा झगड़ा पहले से था, लेकिन ग्रीनलैंड ने इसे बड़ा कर दिया. डोनाल्ड ट्रंप लगातार दोहरा रहे हैं कि उन्हें हर हाल में ग्रीनलैंड चाहिए. यूरोप अड़ा हुआ है कि अमेरिका ही विस्तारवादी हो जाए तो किसकी मिसालें दी जाएंगी.








