
Russia-Ukraine War: फौजी ताकत में रूस पर भारी है नाटो! देखें किसमें कितना दम
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Russia-Ukraine War: कीव के कई इलाकों में अब भी रूस की सेना मौजूद है और बाहरी इलाकों में यूक्रेनी सेना के साथ भयानक जंग चल रही है. चेर्नोबिल रीजन का एक बड़ा हिस्से पर अब भी रूस की सेना मौजूद है. इसके अलावा चेर्नीहीव रीजन लगभग पूरी तरह से रूस के नियंत्रण में ही है. इसी के साथ साथ कोनोटॉप पर भी रूसी सेना मौजूद है. प्राइलुकी पर यूक्रेन का नियंत्रण है लेकिन उसके उत्तरी इलाके में बसे शहरों में रूस के सैनिक मौजूद हैं. खारकीव रीजन में भी रूसी सेना की मौजूदगी है. यहां पर जंग अभी चल रही है और रूस की सीमा से लगे इलाके अब भी रूस के नियंत्रण में हैं. इस बीच ये जानना भी जरूरी है कि अगर NATO बीच में आता है तो किसके पास ज्यादा मिलिट्री पावर है? क्या NATO रूस का सामना कर पाएगा या रूस करेगा परमाणु बम का इस्तेमाल? जानने के लिए देखें.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा. कई टॉप कमांडर्स के मारे जाने के बाद भी ईरान, अमेरिका और इजरायल पर जबरदस्त पलटवार कर रहा है. ट्रंप की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. ना तो ईरान के तेवर कमजोर पड़ रहे और ना ही NATO और दुनिया के तमाम देश ट्रंप का साथ दे रहे. सवाल है क्या ईरान को हराना ट्रंप के लिए 'नाक की लड़ाई' बन गई है? देखें हल्ला बोल.

ईरान ने भी अपनी मिसाइल ताकत को दुनिया के सामने पेश किया है और ईरान ने हिंद महासागर में मौजूद ब्रिटेन के सैन्य बेस पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर दो लॉन्ग रेंज मिसाइलों से हमला किया है. हम आपको बता दें कि ईरान से दिएगो गार्सिया की दूरी करीब 4 हजार किलोमीटर है. ईरान ने दिएगो गार्सिया की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी जिसमे एक को बीच में ही नष्ट करने का दावा किया जा रहा है.

अमेरिका ने ईरानी तेल पर 30 दिन की छूट दी, लेकिन ईरान ने एक्स्ट्रा तेल होने से इनकार कर दिया. दोनों के दावों से वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है. दुनियाभर के मुल्क ये उम्मीद लगाए बैठे हैं कि अमेरिकी की ओर से छूट मिलने के बाद ईरान का तेल उन्हें मिलेगा. लेकिन, ईरान के बयान से सभी को बड़ा झटका लगा है.










