
Russia-Ukraine Nuclear War: क्या परमाणु का अलर्ट 'इन्फॉर्मेशन वॉर' का हिस्सा? देखें एक्सपर्ट की राय
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रूस और यूक्रेन के बीच भीषण युद्ध जारी है. स्थिति अभी भी जमीन पर तनावपूर्ण बनी हुई है. बातचीत जरूर शुरू हुई है, लेकिन स्थायी समाधान निकलता नहीं दिख रहा है. यूक्रेन की तरफ से जमीन पर लगातार रूस को कड़ी टक्कर दी जा रही है. इसी का नतीजा है कि इरपिन इलाके पर एक बार फिर यूक्रेन ने अपना कब्जा जमा लिया है. बार बार पुतिन का परमाणु हमले को लेकर धमकी देना क्या सिर्फ डराने का तरीका है. क्योंकि आजतल युद्ध में इन्फॉर्मेशन फैलाने का भी अलग तरीका अपनाया जाता है ताकि दबदबा कायम किया जा सके. क्या सच में पुतिन परमाणु हमला कर सकते हैं या ये सिर्फ डराने का एक तरीका है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा. कई टॉप कमांडर्स के मारे जाने के बाद भी ईरान, अमेरिका और इजरायल पर जबरदस्त पलटवार कर रहा है. ट्रंप की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. ना तो ईरान के तेवर कमजोर पड़ रहे और ना ही NATO और दुनिया के तमाम देश ट्रंप का साथ दे रहे. सवाल है क्या ईरान को हराना ट्रंप के लिए 'नाक की लड़ाई' बन गई है? देखें हल्ला बोल.

ईरान ने भी अपनी मिसाइल ताकत को दुनिया के सामने पेश किया है और ईरान ने हिंद महासागर में मौजूद ब्रिटेन के सैन्य बेस पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर दो लॉन्ग रेंज मिसाइलों से हमला किया है. हम आपको बता दें कि ईरान से दिएगो गार्सिया की दूरी करीब 4 हजार किलोमीटर है. ईरान ने दिएगो गार्सिया की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी जिसमे एक को बीच में ही नष्ट करने का दावा किया जा रहा है.

अमेरिका ने ईरानी तेल पर 30 दिन की छूट दी, लेकिन ईरान ने एक्स्ट्रा तेल होने से इनकार कर दिया. दोनों के दावों से वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है. दुनियाभर के मुल्क ये उम्मीद लगाए बैठे हैं कि अमेरिकी की ओर से छूट मिलने के बाद ईरान का तेल उन्हें मिलेगा. लेकिन, ईरान के बयान से सभी को बड़ा झटका लगा है.










