
RSS मुख्यालय में विजयदशमी पर शस्त्र पूजन, भागवत करेंगे संबोधित, चीफ गेस्ट हैं शंकर महादेवन
AajTak
विजयदशमी के अवसर पर आज नागपुर में स्थित संघ मुख्यालय में शस्त्र पूजन कार्यक्रम शुरू हो गया है. नागपुर के रेशिमबाग मैदान में हो रहे इस कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत लोगों को संबोधित करेंगे. इस बार कार्यक्रम में चीफ गेस्ट के तौर पर मशहूर सिंगर और कंपोजर शंकर महादेवन को बुलाया गया है.
विजयदशमी के अवसर पर आज नागपुर में स्थित संघ मुख्यालय में शस्त्र पूजन कार्यक्रम शुरू हो गया है. नागपुर के रेशिमबाग मैदान में हो रहे इस कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत लोगों को संबोधित करेंगे. इस बार कार्यक्रम में चीफ गेस्ट के तौर पर मशहूर सिंगर और कंपोजर शंकर महादेवन को बुलाया गया है.
बता दें कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हर साल विजयदशमी के अवसर पर शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित करता है. इस दौरान हर बार अलग-अलग लोगों को चीफ गेस्ट के तौर पर बुलाया जाता है. इस कड़ी में ही पिछले साल दो बार माउंट एवरेस्ट फतेह करने वालीं पूर्व पर्वतारोही संतोष सिंह को बुलाया गया था.
1925 में हुई संघ की स्थापना
इससे पहले 2021 में आरएसएस ने अपना 96वां स्थापना दिवस मनाया था. विजयादशमी के दिन नागपुर में आयोजित किए गए इस कार्यक्रम में बतौर अतिथि मुंबई स्थित तब के इजरायली महावाणिज्य के दूत कोब्बी शोशानी ने कार्यक्रम में शिरकत की थी. बता दें कि हिंदी तिथि के मुताबिक विजयादशमी के दिन ही 1925 में आरएसएस की स्थापना हुई थी. नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही आरएसएस की अलग-अलग शाखाओं पर स्थापना दिवस मनाया जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.










