
PM मोदी और बाइडेन की टिप्पणी से भड़का पाकिस्तान, अमेरिका ने दोबारा दी नसीहत
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अपने अमेरिका दौरे में पीएम मोदी ने राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ मिलकर जारी किए गए संयुक्त बयान में आतंकवाद के लिए पाकिस्तान को लताड़ लगाई. संयुक्त बयान में पाकिस्तान से कहा गया कि वो अपनी जमीन को आतंकवाद के लिए इस्तेमाल होने से रोके. अब पाकिस्तान ने इस पर सख्त प्रतिक्रिया दी है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान जारी किए गए दोनों देशों के संयुक्त बयान पर पाकिस्तान भड़का हुआ है. भारत और अमेरिका ने अपने संयुक्त बयान में पाकिस्तान से मांग की थी कि वो पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करे. इस बयान पर सोमवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कड़ी आपत्ति जताते हुए अमेरिकी दूतावास के उप प्रमुख एंड्रयू शॉफर को तलब किया. इसी बीच अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिका पाकिस्तान से लगातार आतंकवाद पर नकेल कसने का आह्वान करता रहेगा.
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैट मिलर ने डेली न्यूज ब्रीफिंग में पत्रकारों के बताया कि पाकिस्तान ने आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए कई कदम उठाए हैं हालांकि, अमेरिका चाहता है कि वो इसके लिए और जरूरी कार्रवाई करे.
उन्होंने कहा, 'हम इस बात पर लगातार कायम रहे हैं कि पाकिस्तान लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद और उनके प्रमुख संगठनों सहित सभी आतंकवादी समूहों को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए अपनी कार्रवाई जारी रखे. हम इस मुद्दे को पाकिस्तानी अधिकारियों के समझ नियमित रूप से उठाना जारी रखेंगे.'
क्या है पूरा मामला?
पीएम मोदी 21-23 जून के बीच अमेरिका के स्टेट विजिट पर थे जहां उनका भव्य स्वागत किया गया. 22 जून को नरेंद्र मोदी और जो बाइडेन ने द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों देशों की तरफ से संयुक्त बयान जारी किया.
बयान के एक पैरा में पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद का जिक्र करते हुए कहा गया, 'दोनों नेताओं ने सीमा पार आतंकवाद की कड़ी निंदा की और पाकिस्तान से यह सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आह्वान किया कि उसकी जमीन का इस्तेमाल आतंकवादी हमलों के लिए न किया जाए.'

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