
PM मोदी आज से विदेश दौरे पर... व्हाइट हाउस में बात, ट्रंप के साथ डिनर, पेरिस से वॉशिंगटन DC तक ये है पूरा शेड्यूल
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पीएम मोदी दो देशों की यात्रा के पहले पड़ाव के तहत आज फ्रांस में होंगे. वह 10 फरवरी से 12 फरवरी तक पेरिस में रहेंगे. इस दौरान वह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एक्शन समिट की सहअध्यक्षता करेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आज से फ्रांस और अमेरिका की बहुतप्रतीक्षित यात्रा शुरू होने जा रही है. पीएम मोदी रक्षा सहयोग और व्यापार साझेदारी को बढ़ाने के उद्देश्य से इन दोनों देशों की यात्रा कर रहे हैं.
पीएम मोदी दो देशों की यात्रा के पहले पड़ाव के तहत आज फ्रांस में होंगे. वह 10 फरवरी से 12 फरवरी तक पेरिस में रहेंगे. इस दौरान वह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एक्शन समिट की सहअध्यक्षता करेंगे.
प्रधानमंत्री मोदी 10 फरवीर को पेरिस पहुंचेंगे और शाम में राष्ट्रपति मैक्रों के साथ एलिस पैलेस में डिनर करेंगे. इस डिनर में कई बड़ी तकनीकी कंपनियों के सीईओ भी शामिल होंगे. पीएम मोदी अगले दिन यानी 11 फरवरी को एआई एक्शन समिट की सहअध्यक्षता करेंगे. पीएम मोदी के पेरिस दौरे को लेकर पिछले हफ्ते विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा था कि हमें इस समिट में कई घोषणाओं की उम्मीद है. हमारी ऐसी एआई एप्लिकेशन में रुचि है, जो इस्तेमाल करने में सुरक्षित और भरोसेमंद हो. इस दौरान पीएम मोदी इंडिया-फ्रांस के सीईओ फोरम को भी संबोधित करेंगे.
पीएम मोदी का अमेरिका दौरा 12 फरवरी से होगा शुरू
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेरिस के बाद सीधे अमेरिका पहुंचेंगे. उनका अमेरिकी दौरा दो दिनों का होगा, जहां वह 12 से 14 फरवरी तक रहेंगे. इस दौरान उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ द्विपक्षीय वार्ता होगी. वह कई बिजनेस लीडर्स और भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे.
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी का अमेरिकी दौरे ऐसे समय में हो रहा है, जब हाल ही में ट्रंप ने अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे 104 प्रवासियों को भारत डिपोर्ट किया.

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ईरान ने हिंद महासागर में अमेरिकी और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य बेस डिएगो गार्सिया पर मिसाइल हमला किया है. मध्यपूर्व की सीमाओं से दूर किसी अमेरिकी ठिकाने पर ये ईरान काअबक का सबसे बजड़ा हमला है. डिएगो गारर्सिया बोहद रणनीतिक सैन्य अड्डा है. B-52 बॉम्बर विमान, लंबी दूरी के हमले के हथियार इस बेस पर मौजूद है.

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