
PBKS vs RR IPL 2023: पंजाब किंग्स के हाथ से निकल रहा था मैच... फिर IPL के सबसे महंगे खिलाड़ी ने यूं पलट दी बाजी
AajTak
पंजाब किंग्स ने एक रोमांचक मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को 5 रनों से हरा दिया. आखिरी ओवर्स में राजस्थान को 16 रन बनाने थे, लेकिन वह 9 रन ही बना सकी. आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी सैम कुरेन ने यह आखिरी ओवर फेंका था. चार विकेट लेने वाले नाथन एलिस प्लेयर ऑफ द मैच रहे.
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2023 में पंजाब किंग्स की जीत का सिलसिला जारी है. बुधवार (5 अप्रैल) को गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में पंजाब किंग्स ने राजस्थान रॉयल्स को 5 रनों से हरा दिया. पंजाब किंग्स की जीत में सैम कुरेन का अहम रोल रहा जिन्होंने मैच का आखिरी ओवर डाला.
देखा जाए तो यह मुकाबला काफी रोमांचक रहा. आखिरी तीन ओवर्स में राजस्थान रॉयल्स को जीत के लिए 53 रन बनाने थे. आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे क्रिकेटर सैम कुरेन ने 18वां ओवर फेंका जिसमें ध्रुव जुरेल और शिमरॉन हेटमेयर ने मिलकर 19 रन बना डाले. अब समीकरण राजस्थान रॉयल्स के लिए थोड़ा आसान हो गया था और उसे दो ओवरों में 34 रन बनाने थे.
क्लिक करें- अश्विन ने धवन को करना चाहा मांकड़िंग... फिर दी ऐसी स्माइल, Video
कप्तान शिखर धवन ने अर्शदीप सिंह को गेंदबाजी मोर्चे पर लगाया. अर्शदीप सिंह का ये ओवर काफी महंगा साबित हुआ और कुल 18 रन इस ओवर में आए. आखिरी ओवर में राजस्थान को 16 रन चाहिए थे और वह मुकाबले को जीतने की स्थिति में भी आ गई थी. शिखर धवन ने सैम कुरेन से ही आखिरी ओवर करवाने का फैसला किया, जो 18वें ओवर में काफी महंगे साबित हुए थे.
सैम कुरेन ने उस आखिरी ओवर की पहली दो गेंदों पर सिर्फ तीन रन दिए. फिर अगली गेंद पर हेटमेयर दूसरा रन लेने के चक्कर में शाहरुख खान के थ्रो पर रन-आउट हो गए. अब आखिरी तीन गेंदों पर 12 रनों की दरकार थी, लेकिन ध्रुव जुरेल और जेसन होल्डर छह ही रन बना पाए और पंजाब ने मैच जीत लिया.
That's that from Match 8. @PunjabKingsIPL win their second game on the trot as they beat #RR by 5 runs. Scorecard - https://t.co/Cmk3rElYKu #TATAIPL #RRvPBKS #IPL2023 pic.twitter.com/R9j1jFpt5C

ट्रंप की ईरान को दी गई उस धमकी के बारे में बताएंगे जिसमें उन्होंने कहा कि कि ईरान दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा. उनका ये बयान उस संदर्भ में आया है जिसमें दावा किया जा रहा है कि ईरान ट्रंप की हत्या कर सकता है. इस पर ट्रंप ने कहा अगर उन्हें कुछ भी हुआ तो अमेरिका की सेनाएं ईरान को धरती के नक्शे से मिटा देंगी. आज इस बात का विश्लेषण करेंगे कि क्या वाकई ईरान ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है?

मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर विवाद गहराया है. अविमुक्तेश्वरानंद सरकार पर कड़े तेवर दिखा रहे हैं. उन पर शंकराचार्य के अपमान का आरोप लगा है. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर बैठकर अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान करने से प्रशासन ने रोक लगा दी. समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.






