
Omicron पर वैज्ञानिक की चेतावनी: अगला महीना सबसे खतरनाक होगा
AajTak
Covid-19 Omicron cases: दिल्ली (Delhi) में ओमिक्रॉन के कुल 32 मामले (Omicron cases Delhi) सामने आ चुके हैं, वहीं भारत (Omicron India Cases) में अब तक इस वैरिएंट के 161 से अधिक केस रिपोर्ट हो चुके हैं. इसी बीच डेनमार्क के वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि आने वाले महीना सबसे खतरनाक होगा.
Covid-19 Omicron cases: देश और दुनिया में ओमिक्रॉन वैरिएंट (Omicron Variant Cases) के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. अब तक भारत (Omicron cases in India )में ओमिक्रॉन वैरिएंट के 161 मामले (Omicron Cases Total India) सामने आ चुके हैं. Omicron is spreading significantly faster than the Delta variant in countries with documented community transmission, with a doubling time between 1.5–3 days https://t.co/tOu6iIvFZP #COVID19 pic.twitter.com/s7AMCbJdwd

भारतीय मूल के अमेरिकी जज अरुण सुब्रमण्यम ने ट्रंप प्रशासन की ओर से डेमोक्रेट शासित राज्यों में बच्चों की देखभाल, परिवार सहायता और सामाजिक सेवाओं से जुड़ी करीब 10 अरब डॉलर की फंडिंग रोकने के फैसले पर अस्थायी रोक लगा दी है. जज ने कहा कि अचानक फंड रोकने से गरीब परिवारों और कमजोर वर्गों को गंभीर नुकसान हो सकता है और प्रक्रिया में कानूनी खामियां हैं.

ईरान में प्रदर्शनकारियों पर हो रहे कड़े दमन के बीच स्थिति बेहद तनावपूर्ण होती जा रही है. अमेरिका ने बार-बार चेतावनी दी है कि अगर दमन जारी रहा तो अमेरिकी सेना कोई भी जरूरी कार्रवाई करने को तैयार है. ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को कड़ी चेतावनी दी है जबकि विदेश में बैठे रजा पहलवी ने अपने समर्थकों से आंदोलन को और भी तेज करने की अपील की है. वहीं ईरान ने भी पलटवार करते हुए कहा है कि ट्रंप की धमकियों का जवाब दिया जाएगा और इस स्थिति से अन्य देशों को भी नुकसान हो सकता है.

पाकिस्तान के राजनीतिक विश्लेषक नजम सेठी का बड़ा बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान केवल भारत से ही डरता है और उसके पास परंपरागत युद्ध में भारत को रोकने की क्षमता नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इसी डर के कारण पाकिस्तान कभी भी नो फर्स्ट यूज परमाणु नीति को अपनाने को तैयार नहीं होगा. यह बयान पाकिस्तान की सैन्य कमजोरियों और उसकी परमाणु धमकी की नीति की वास्तविकता को सामने लाता है.

क्यूबा पिछले छह दशकों से अमेरिका को सीधे चुनौती दे रहा है. कोल्ड वॉर के दौर में अमेरिका ने इस देश पर अपने नियंत्रण के लिए नाकाबंदी, हमले, फिदेल कास्त्रो की हत्या की कोशिशें, सब कुछ किया. लेकिन अटलांटिक महासागर का द्विपीय देश क्यूबा अपने एजेंडे पर कायम रहा और अमेरिका की छाती में नश्तर की तरह चुभता रहा.

ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के खिलाफ जारी प्रदर्शन तेज हो रहे हैं, जिनमें अब तक कम से कम 500 लोगों की मौत हो चुकी है. युवा प्रदर्शनकारी, जैसे फैशन की पढ़ाई करने वाली छात्रा रोबिना अमिनियन, अपनी आजादी और महिलाओं के अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं और सुरक्षाबलों की गोलयों का शिकार हो रहे हैं.








