
Omicron पर महाराष्ट्र सरकार का फैसला- एट रिस्क देश के यात्रियों के लिए 7 दिन का क्वारंटीन
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महाराष्ट्र सरकार ने भी अपने स्तर पर सख्ती को बढ़ा दिया है. नए आदेश के मुताबिक अब एट रिस्क देशों से आने वाले यात्रियों को महाराष्ट्र में सात दिन के लिए इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन होना पड़ेगा. इसके अलावा उन सभी यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पर RT-PCR टेस्ट भी अनिवार्य कर दिया गया है.
ओमिक्रॉन वेरिएंट ने पूरी दुनिया में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है. इस नए वेरिएंट की वजह से फिर कई देशों में पाबंदियों का दौर देखने को मिल रहा है. भारत में भी सख्ती पहले से ज्यादा कर दी गई है. इसी कड़ी में महाराष्ट्र सरकार ने भी अपने स्तर पर सख्ती को बढ़ा दिया है. नए आदेश के मुताबिक अब एट रिस्क देशों से आने वाले यात्रियों को महाराष्ट्र में सात दिन के लिए इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन होना पड़ेगा. इसके अलावा उन सभी यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पर RT-PCR टेस्ट भी अनिवार्य कर दिया गया है.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

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उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

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