
Nawaz Sharif ने पहनी क लाख रुपए की Gucci की टोपी! Pakistan में बन गया चर्चा का विषय
AajTak
पाकिस्तान के लोगों का कहना है कि नवाज शरीफ ने Gucci कंपनी की जो टीपी पहनी है, उसकी बाजार में कीमत एक लाख पाकिस्तानी रुपए है. इसके साथ ही लोगों का कहना है किटोपी में जो धारियां बनी हुई हैं, वह इमरान खान की पाकिस्तान-तहरीक-ए- इंसाफ (PTI) के झंडे से काफी मिलती-जुलती हैं.
पाकिस्तान में नवाज शरीफ की टोपी इन दिनों चर्चा का विषय बन गई है. पाकिस्तान के लोगों का कहना है कि नवाज शरीफ ने Gucci कंपनी की जो टीपी पहनी है, उसकी बाजार में कीमत एक लाख पाकिस्तानी रुपए है. ऐसे में अब चर्चा शुरू हो गई है कि एक तरफ तो पाकिस्तान आर्थिक बदहाली से जूझ रहा है और दूसरी तरफ नवाज शरीफ एक लाख रुपए की टोपी पहनकर घूम रहे हैं.
इतना ही नहीं नवाज शरीफ की टोपी पर कीमत के साथ-साथ एक और वजह से चर्चा हो रही है. दरअसल, पाकिस्तान के लोगों का कहना है कि टोपी में जो धारियां बनी हुई हैं, वह इमरान खान की पाकिस्तान-तहरीक-ए- इंसाफ (PTI) के झंडे से काफी मिलती-जुलती हैं. नवाज शरीफ ने हाल ही में इस टोपी को पहनकर पंजाब प्रांत के ननकाना साहिब में रैली की थी.
क्यों खफा हो गए पाकिस्तान के लोग
एजेंसी के मुताबिक पाकिस्तान के लोगों का कहना है कि उनका देश इन दिनों ईंधन, बिजली और भोजन जैसी बुनियादी सुविधाओं की आसमान छूती कीमतों के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहा है. विश्व बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक महामारी के बाद पाकिस्तान की रिकवरी आर्थिक असंतुलन के कारण रुक गई.
4 साल बाद लंदन से लौटे हैं नवाज
यह पहली बार नहीं है, जब पूर्व पाकिस्तानी पीएम इस तरह के विवाद में घिर गए हैं. 2023 में कथित तौर पर लंदन के महंगे हैरोड्स डिपार्टमेंट स्टोर में खरीदारी के दौरान नवाज का सामना एक पाकिस्तानी महिला से हो गया था. 2024 के आम चुनावों से पहले पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) सुप्रीमो नवाज शरीफ ने हाल ही में अपनी पार्टी का चुनावी घोषणापत्र जारी किया है. बता दें कि नवाज लंदन में चार साल तक निर्वासित रहने के बाद अक्टूबर 2023 में पाकिस्तान लौटे हैं.

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है. अयातुल्ला अली खामेनेई की हुकूमत ने प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए फांसी जैसे खौफनाक कदम उठाने का फैसला किया तो अमेरिका ने सीधे एक्शन की चेतावनी दे डाली. हालांकि बाद में ईरान और ट्रंप के ताजा बयानों ने दुनिया को थोड़ी राहत दी. मगर ईरान संकट अब सिर्फ एक देश का नहीं, बल्कि वैश्विक टकराव का संकेत बनता जा रहा है.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया है जो पहले वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो को मिला था. मचाडो ने यह पुरस्कार ट्रंप को सौंपा और ट्रंप ने इसे खुशी-खुशी स्वीकार किया. यह घटना राजनीतिक जगत में खास तूल पकड़ रही है और दोनों नेताओं के बीच इस सम्मान के आदान-प्रदान ने चर्चा का विषय बना है. ट्रंप के लिए यह एक बड़ा सम्मान है जिसका उन्होंने खुले दिल से स्वागत किया.

अमेरिका ने ईरान पर हमले की चेतावनी के बाद अपने कदम फिलहाल वापस ले लिए हैं. हाल तक अमेरिका ईरान की हवाई और समुद्री घेराबंदी कर रहा था, लेकिन अब उसने मामले को डिप्लोमेसी के माध्यम से सुलझाने का अंतिम मौका दिया है. ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी देने का फैसला किया था, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने आर्मी को हमले के लिए तैयार रहने का आदेश दिया था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की उनकी योजना का समर्थन न करने वाले देशों पर टैरिफ लगाया जा सकता है. इस बयान से यूरोपीय सहयोगियों के साथ तनाव बढ़ गया है. अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच बातचीत जारी है, जबकि डेनमार्क और कई यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड में सैन्य मौजूदगी बढ़ाने का फैसला किया है.

पाकिस्तान एक बार फिर भारत की सीमा में ड्रोन भेज रहा है. जनवरी से जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में छोटे और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन देखे गए हैं. सेना के मुताबिक ये आत्मघाती ड्रोन नहीं बल्कि निगरानी के लिए भेजे गए यूएवी हैं. माना जा रहा है कि पाकिस्तान भारत की सुरक्षा तैयारियों और प्रतिक्रिया समय को परखने की कोशिश कर रहा है.








