National Nutrition Week 2021: 20 से 30 साल के लोग जरूर खाएं ये चीजें, उम्र के हिसाब से जानें बेस्ट डाइट
AajTak
National Nutrition Week: न्यूट्रिशन यानी पोषण मानव चक्र के प्रत्येक चरण में स्वास्थ्य की रक्षा करता है. सही तरह का पोषण व्यक्ति के जीवन चक्र की क्वालिटी और क्वांटिटी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. व्यक्ति की उम्र के अनुसार ही उसे पोषण की आवश्यकता होती है.
National Nutrition Week: न्यूट्रिशन शरीर के विकास के लिए जरूरी होता. सही पोषण से ही व्यक्ति का शारीरिक और मानसिक विकास होता है. क्या हम अपनी उम्र के हिसाब से सही खा रहे हैं? ये सवाल शायद सबसे पहले हमारे दिमाग में 30 साल की उम्र में आता है और जैसे-जैसे हम 40 की दहलीज पार करते जाते हैं, वैसे-वैसे ये सवाल बार-बार उठता है. क्या उम्र के हिसाब से हमारी पोषण संबंधी जरूरतें बदलती हैं? यदि हां, तो हम बचपन से लेकर वृद्धावस्था तक आयु के अनुसार अपने आहार में किस प्रकार के उपयुक्त रूप से परिवर्तन कर सकते हैं? हम जो खाना खाते हैं वह काफी हद तक एक जैसा रहता है, लेकिन जिस तरह से हम खाते हैं वह हमारी उम्र या अवस्था के आधार पर बदल सकता है. आप अभी किसी प्रकार का भोजन ले रहे हैं, इसका प्रभाव बढ़ती उम्र के साथ आपके जीवन पड़ सकता है. 1 साल की उम्र से ही हमारी बैलेंस डाइट की आवश्यकता शुरू हो जाती है. हम कितने साल जी सकते हैं ये इस बात पर निर्भर करता है कि हम किसी प्रकार का भोजन कर रहे हैं. आइए जानते हैं कि व्यक्ति को किस उम्र में किस प्रकार का भोजन करना चाहिए. बच्चों को क्या खाना चाहिए- बचपन में, एक बच्चे में तेजी के साथ शारीरिक, सामाजिक और विकासात्मक परिवर्तन होते हैं. बचपन के शुरुआती चरणों में, ऊर्जा की आवश्यकता बढ़ जाती है. बच्चे के विकास के लिए उसे प्रोटीन और आवश्यक फैटी एसिड की जरूरत होती है, जो बेहतर तरीके से मस्तिष्क के विकास में मदद करते हैं. एक्सपर्ट के अनुसार, इसमें कैल्शियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, जिंक जैसे आवश्यक मिनरल को भी जोड़ना चाहिए, क्योंकि बच्चे के किशोरावस्था में पहुंचने के लिए उसके शरीर का सही विकास होना जरूरी है.More Related News

NCERT ने 3 से 8 साल तक के बच्चों के लिए ई-मैजिक बॉक्स ऐप लॉन्च किया है. इस प्लेटफॉर्म पर बच्चे मोबाइल या कंप्यूटर से पढ़ सकते हैं और नई-नई चीजें सीख सकते हैं. इसमें एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्मार्ट बॉट है, जो बच्चों की पढ़ाई में मदद करता है और उनके सवालों का आसान जवाब देता है. इसके साथ ही इसमें खेल-खेल में सीखने वाली गतिविधियां भी शामिल हैं.












