
MP: मदरसों के कोर्स पर छिड़ा विवाद, कांग्रेस MLA आरिफ बोले- शिशु मंदिरों की भी हो जांच
AajTak
मध्य प्रदेश में मदरसों में पढ़ाई जाने वाली किताबों की जांच कराने की बात का विरोध शुरू हो गया है. मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के बयान का विरोध करते हुए कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने सरस्वती शिशु मंदिरों की भी जांच कराने की मांग कर डाली.
मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के उस बयान पर अब विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें उन्होंने मदरसों की पठन सामग्री की स्क्रूटनी और जांच की बात कही थी. कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने गृह मंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि मदरसों की जांच अगर होती है तो सरकार सरस्वती शिशु मंदिरों की भी जांच करे.
भोपाल मध्य विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मसूद ने कहा, पार्टी लंबे समय से यह मांग उठा रही है कि सरस्वती शिशु मंदिर में संघ के लोगों को तैयार किया जाता है और संघ की विचारधारा को पढ़ाया जाता है, इसलिए सिर्फ मदरसों को टारगेट न किया जाए, बल्कि सरस्वती शिशु मंदिर की भी जांच होनी चाहिए. हम तो चाहते हैं कि मदरसों की भी जांच हो और सरस्वती शिशु मंदिरों की भी जांच हो.
बता दें कि गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने रविवार को अपने बयान में कहा था कि अब मध्य प्रदेश में मदरसों की पठन सामग्री की जांच जिला कलेक्टर करेंगे. गृहमंत्री के मुताबिक, उनके पास कुछ मदरसों में आपत्तिजनक पढ़ाने की शिकायतें आई हैं.
रविवार को भोपाल में पत्रकारों से बात करते हुए गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा था, 'प्रदेश के कुछ मदरसों में आपत्तिजनक पढ़ाने से संबंधित विषय संज्ञान में आया है. इस तरह की किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए मदरसों के पठन सामग्री को लेकर हम कलेक्टर महोदय को कहेंगे कि संबंधित शिक्षा विभाग से वह इसकी स्क्रूटनी करवा लें और उसकी व्यवस्था सुनिश्चित करें कि पठन सामग्री भी व्यवस्थित रहे. इसके लिए विचार किया जा रहा है.
गृह मंत्री मिश्रा ने आगे कहा था कि इससे यह भी पता चल सकेगा कि मदरसों में पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रम में और कितना सुधार की जरूरत है.
गौरतलब है कि हाल ही में राज्य बाल संरक्षण आयोग ने दतिया समेत दूसरे जिलों के मदरसों का औचक निरीक्षण किया था. आयोग का दावा है कि मदरसों में आपत्तिजनक सामग्री पढ़ाई जा रही है. इसको लेकर ही गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मदरसों के पाठ्यक्रम की जांच कराने की बात कही है.

नितिन नबीन बीजेपी के सबसे युवा अध्यक्ष हैं. पीएम मोदी ने आज नितिन नबीन को मिलेनियल बताया. नितिन नबीन के लिए 2026 की चुनावी चुनौती बड़ी है, क्योंकि बंगाल, केरल, और तमिलनाडु में बीजेपी कभी सत्ता में नहीं रही. 2027 में यूपी का भी चुनाव है. सवाल है कि क्या नितिन नबीन के युवा नेतृत्व का जोश, क्या विपक्ष को और मुसीबत में डालने वाला है? देखें हल्ला बोल.

अहमदाबाद के घाटलोडिया इलाके में नेशनल स्कूल के बाहर दसवीं के छात्र पर जानलेवा हमला हुआ है. परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद 8 से 10 हमलावरों ने छात्र को घेर लिया और उसे स्कूल से लगभग 50 मीटर दूर तक घसीट कर चाकू, पाइप और लकड़ी से बेरहमी से मारा. इस मामले में स्कूल के चार छात्र और उनके साथी शामिल हैं. पुलिस ने बताया कि यह हमला पुरानी रंजिश के कारण हुआ है.

जम्मू-कश्मीर के किश्तवार जिले में ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकियों की छिपने की जगह का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है. यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तहत किया गया जिसमें आतंकियों को पकड़ने और उन्हें मार गिराने के उद्देश्य से सुरक्षा बल सक्रिय थे. इस अभियान में आतंकियों के छिपने के स्थान का पता चलने से इलाके में सुरक्षा अभी और सख्त हो गई है.

प्रयागराज माघ मेला प्राधिकरण ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य पद के दावे पर नोटिस जारी किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के अक्टूबर 2022 के आदेशों का हवाला दिया गया है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि नोटिस सुप्रीम कोर्ट की अवमानना है और उन्होंने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है.

कोर्ट ने पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली बनाने पर जोर दिया ताकि बिना नसबंदी वाले कुत्तों की रिपोर्टिंग हो सके. 28 जनवरी को सरकारों की ओर से सॉलिसिटर जनरल अपनी दलीलें प्रस्तुत करेंगे. कोर्ट ने एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट के पॉडकास्ट पर नाराजगी जताई और मामले की गंभीरता को रेखांकित किया. ये सुनवाई आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.








