
Moody's On Trump Tariff: 'चीन फायदे में, लेकिन भारत...', मूडीज ने बताया ट्रंप के 15% टैरिफ से क्या बदलेगा
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Donald Trump ने सुप्रीम कोर्ट में टैरिफ पर मिली हार के बाद पहले 10% और फिर इसे बढ़ाकर 15% Global Tariff लगा दिया. मूडीज ने कहा है कि अमेरिका में टैरिफ घमासान के चलते चीन को फायदा होगा, जबकि कोरिया और ताइवान के लिए भी अनुकूल है.
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप (US Supreme Court Ruling On Trump Tariff) के टैरिफ को गैरकानूनी करार देते हुए फैसला सुनाया. इसके साथ ही दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति पद पर काबिज होने के बाद अप्रैल 2025 में दुनिया के तमाम देशों पर IEEPA के तहत लगाए गए उनके Reciprocal Tariff रद्द हो गए. इसके बाद ट्रंप ने गुस्से में एक दूसरी धारा 122 का इस्तेमाल करते हुए पहले 10% और फिर 15% का ग्लोबल टैरिफ बम (Global Tariff Bomb) फोड़ दिया. अब इसके असर को लेकर ग्लोबल एजेंसी मूडीज ने रिपोर्ट जारी की है. Moody's ने इसमें बड़ी बात कहते हुए इन घटनाक्रमों ने अमेरिकी व्यापार रणनीति में नई अनिश्चितता पैदा कर दी है, जिसमें भारत और इंडोनेशिया के साथ उसके समझौतों में कुछ बदलाव दिख सकता है.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अनिश्चितता मूडीज़ एनालिटिक्स (Moody's Analytics) ने मंगलवार को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा कि ट्रंप द्वारा प्रस्तावित 15% का एकसमान टैरिफ (Trump 15% Tariff) कई एशिया-प्रशांत अर्थव्यवस्थाओं को अपेक्षाकृत राहत देने वाला साबित सकता है, जिन पर पहले से ही काफी अधिक लक्षित टैरिफ लागू थे. इनमें चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया के अधिकांश देश शामिल हैं. हालांकि, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले ने वाशिंगटन की व्यापार रणनीति में नई अनिश्चितता पैदा कर दी है, जिसमें भारत और इंडोनेशिया के साथ उसके बदलते व्यापार समझौते भी शामिल हैं.
टैरिफ बढ़ाने के लिए कोशिश जरूर करेंगे ट्रंप! मूडीज़ की मानें, तो 15% टैरिफ चीन और साउथ ईस्ट एशिया की तमाम इकोनॉमी के लिए अनुकूल होगा, जबकि इससे विपरीत जापान, साउथ कोरिया और ताइवान जैसे देशों पर इसका प्रभाव सीमित रहने की उम्मीद है, क्योंकि उन पर पहले से ही लगभग 15% का बेस टैरिफ लागू है. एजेंसी ने कहा, उम्मीद है कि Donald Trump टैरिफ बढ़ाने के लिए अन्य कानूनी रास्ते अपनाएंगे.
रिपोर्ट में कहा गया कि ये आश्चर्य की बात नहीं होगी, कि US Tariff बीते शुक्रवार यानी सु्प्रीम कोर्ट के फैसले से पहले के स्तर के करीब पहुंच जाएं. अपने आउटलुक में उसने चेतावनी देते हुए बताया है कि ट्रेड फ्लो बाधित रह सकता है. अनिश्चितता और परिचालन संबंधी अड़चनें बनी रह सकती हैं और कंपनियां पहले से भुगतान किए गए टैरिफ के रिफंड की मांग कर सकती हैं.
India-US डील पर क्या असर मूडीज ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अमेरिका की तमाम व्यापारिक वार्ताओं में जटिलता देखने को मिल सकती है. खासतौर पर इससे भारत और इंडोनेशिया के साथ हुई हालिया ट्रेड डील में बदलाव की संभावना बन रही है. भारत से डील के तहत रूसी तेल (Russian Oil) की खरीद बंद करने की समयसीमा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे अभी तक तय नहीं हुए हैं.













