
LIC Share Listing: लिस्ट होते ही 12 फीसदी से ज्यादा गिरा एलआईसी शेयर, इन्वेस्टर्स को पहले दिन ही नुकसान
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बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) पर डिस्काउंट लिस्टिंग के बाद भी एलआईसी का मार्केट कैप (LIC MCap) 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहने के संकेत मिल रहे हैं. अगर ऐसा होता है तो एलआईसी बाजार में लिस्ट होते ही भारत की पांचवीं सबसे बड़ी पब्लिक कंपनी बन जाएगी.
महीनों के इंतजार के बाद सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी के शेयर (LIC Share) आज ओपन मार्केट में लिस्ट हो गए. हालांकि शेयर बाजार में एलआईसी की शुरुआत ठीक नहीं हुई. ग्रे मार्केट में जीरो से नीचे प्रीमियम पर ट्रेड करने के बाद एलआईसी के शेयर बीएसई पर प्री-ओपन सेशन में 12 फीसदी से ज्यादा की गिरावट में ट्रेड कर रहे थे. प्री-ओपन में एलआईसी के शेयर ने पहले दिन की शुरुआत 12.60 फीसदी यानी 119.60 रुपये के नुकसान के साथ 829 रुपये पर की.
एलआईसी का यह पहला इश्यू भारत के इतिहास में अभी तक का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हुआ है. इस आईपीओ के लिए 902-949 रुपये का प्राइस बैंड तय किया गया था. पहली बार कोई आईपीओ वीकेंड के दोनों दिन भी खुला रहा. रिकॉर्ड 6 दिनों तक खुले रहे एलआईसी के आईपीओ को लगभग हर कैटेगरी में बढ़िया रिस्पॉन्स मिला. हालांकि ग्रे मार्केट में एलआईसी आईपीओ का प्रीमियम (LIC IPO GMP) लिस्टिंग से पहले शून्य से नीचे गया हुआ है, जिससे इन्वेस्टर्स को पहले ही दिन नुकसान के संकेत दिख रहे हैं.
सुबह 08:45 बजे सरकारी बीमा कंपनी के लिस्टिंग का समारोह शुरू हो गया. लिस्टिंग समारोह में बीएसई के सीईओ एवं एमडी आशीष कुमार चौहान, दीपम सचिव तुहिन कांत पांडेय समेत एलआईसी के तमाम अधिकारी मौजूद रहे.
अभी इतना निगेटिव है ग्रे मार्केट प्रीमियम
लिस्टिंग से एक दिन पहले सोमवार को एलआईसी आईपीओ का जीएमपी शून्य से 25 रुपये तक नीचे गिरा हुआ था. आज इसमें थोड़ी सुधार तो है, लेकिन यह अभी भी 20 रुपये निगेटिव में ट्रेड कर रहा है. एक समय यह ग्रे मार्केट में 92 रुपये के प्रीमियम के साथ ट्रेड कर रहा था. टॉप शेयर ब्रोकर (Top Share Broker) के आंकड़ों के अनुसार, अभी एलआईसी आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (LIC Grey Market Premium) शून्य से 20 रुपये नीचे है. जीएमपी से इसी बात का इशारा मिल रहा है कि इन्वेस्टर्स को पहले ही दिन नुकसान उठाना पड़ सकता है. एनालिस्ट भी मान रहे हैं कि एलआईसी की लिस्टिंग डिस्काउंट के साथ होने वाली है.

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