
Kangana Ranaut से हुई भूल, एंटी चीटिंग बिल पर पोस्ट शेयर कर कह दी बड़ी बात, फिर किया डिलीट
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अपनी बेबाक राय के लिए जानी जाने वालीं एक्ट्रेस कंगना रनौत ने इस बार सरकार के लाए नए कानून को गलत समझ लिया. एक्ट्रेस ने एंटी चीटिंग बिल को रिलेशनशिप और इंटीमेसी से जोड़कर स्टूडेंट्स के यौन संबंधों की उम्र तय करने की मांग की, साथ ही कहा कि डेटिंग ऐप्स चलाने वालों को सजा मिलनी चाहिए.
कंगना रनौत अपनी बेबाक राय देने के लिए जानी जाती हैं. सोशल, सामाजिक या सरकारी, कोई भी मुद्दा हो कंगना अपनी बात कहने से पीछे नहीं हटती हैं. लगभग दो हफ्ते पहले सरकार ने लोकसभा में एंटी चीटिंग बिल पास किया था, इस पर एक्ट्रेस ने अपना ओपिनियन शेयर किया. लेकिन कंगना ने एंटी चीटिंग बिल को स्टूडेंट्स के लिंक-अप और इंटीमेसी से जोड़ दिया है. एक्ट्रेस ने एक पैरोडी पेज की खबर को शेयर कर मांग की है कि ऐसा कानून भी लाना चाहिए कि टीनएजर्स को इंटीमेट होने से रोका जाए. हालांकि बाद में इसे डिलीट भी कर दिया.
कंगना की बड़ी भूल
दो हफ्ते पहले लाए इस कानून में सरकार ने साफ किया कि ये बिल पब्लिक एग्जामिनेशंस में नकल रोकने के लिए लाया गया है. इस बिल के तहत पकड़े जाने पर दस साल की सजा और एक करोड़ का जुर्माना- सजा के तौर पर बताया गया. लेकिन ये सजा स्कूली बच्चों पर लागू नहीं होगी. कंगना ने इंस्टाग्राम पर स्टोरी अपडेट कर अपनी राय दी है और इसे रिलेशनशिप स्पिन दे दिया. पैरोडी पेज के शेयर किए पोस्ट को देख कंगना एग्जाम्स के लिए लाए गए इस कानून को गलत समझ बैठीं और अपनी राय दे डाली.
इंटीमेसी की तय हो उम्र
कंगना ने लिखा- मैं इस सरकार से आगे अनुरोध करती हूं कि कोई भी पुरुष किसी महिला के साथ लंबे समय तक डेटिंग करने के बाद उसे छोड़ नहीं सकता है, यदि वह ऐसा करता है तो उसे उसके भरण-पोषण के लिए भुगतान करना होगा. उसे महिला को गुजारा भत्ता देना होगा. कैज़ुअल हुक अप देना होगा और कई शादी करने वालों पर भी प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए. साथ ही स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए यौन संबंध पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, शादी की उम्र (18/21) की तरह ही इंटीमेसी की भी उम्र होनी चाहिए. स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए बाल विवाह पर प्रतिबंध लगाने या शादी के लिए सख्त उम्र रखने का क्या मतलब है? सेक्शुअल एक्टिविटीज में ऑनलाइन शामिल होना या स्कूल में फिजिकल इंटीमेसी को शामिल करना एक कल्चर बन गया है.
खासकर बड़े शहरों में स्कूल में बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड रखना, ये भी एक संस्कृति का जैसे एक हिस्सा है, इसे बैन किया जाना चाहिए. यह उनके मानसिक और शारीरिक विकास में हस्तक्षेप करता है. अगर पार्टनर की ऐसी जरूरत है तो पुरानी परंपराओं के आधार पर जल्दी विवाह करने की अनुमति की गारंटी दी जानी चाहिए.













