
Infiltration Bid By Pakistani Terrorists In J&K’s Uri: ना'पाक' घुसपैठ की LIVE तस्वीर!
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कश्मीर के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तानी आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिश का एक वीडियो भारतीय सेना द्वारा जारी किया गया है. सेना के अधिकारियों के अनुसार, तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों ने गुरुवार, 25 अगस्त को उरी सेक्टर के कमलकोट इलाके में मदियान नानक चौकी के पास भारत में घुसने का प्रयास किया. हालांकि इन आतंकियों की घुसपैठ की खुफिया सूचना भारतीय सेना को पहले ही मिल गई थी इसलिए सुरक्षाबल सतर्क थे.

ईरान में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के चलते इरफान सुलतानी को गिरफ्तार किया गया था. 8 जनवरी को गिरफ्तारी के बाद 11 जनवरी को मुकदमे में वह मोहरेबेह दोषी पाए गए. मोहरेबेह का अर्थ है भगवान के खिलाफ युद्ध छेड़ना. इस मुकदमे में उन्हें कोई कानूनी सहायता नहीं मिली और परिवार को केवल 10 मिनट की आखिरी मुलाकात की अनुमति दी गई. इधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान की सरकार को चेतावनी दी है कि अगर वे प्रदर्शनकारियों को फांसी देंगे तो अमेरिका कड़ा कदम उठाएगा.

ऑपरेशन सिंदूर के महज चार दिन बाद 14 मई 2025 को शाम 4:59 बजे पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ अपने संबंधों को रीसेट करने की कोशिश की थी, जिसमें वह काफी हद तक कामयाब भी रहा. पाकिस्तान की इस कोशिश का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पूर्व अमेरिकी राजदूत पॉल डब्ल्यू. जोन्स की ओर से विदेश विभाग को भेजा गया एक खास ईमेल था. इस ईमेल के जरिए पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसीम मुनीर की आगामी वाशिंगटन यात्रा के एजेंडे और रणनीतिक बिंदुओं पर चर्चा की थी.

अमेरिका ने ईरान पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाकर एक बड़ा आर्थिक हमला किया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस नई नीति का असर भारत समेत करीब 147 देशों पर पड़ेगा जो ईरान के साथ व्यापार करते हैं. ईरान तेल और गैस समेत कई उत्पादों का बड़ा निर्यातक है और ओपेक देश भी है. भारत और ईरान के बीच व्यापार पिछले पांच सालों में 84 प्रतिशत तक गिर चुका है. भारत मुख्य रूप से ईरान को बासमती चावल, चाय, चीनी, दवाइयां और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्यात करता है, जबकि ईरान से सूखे मेवे और केमिकल्स आयात करता है.

मुस्लिम ब्रदरहुड पर ट्रंप सरकार की बड़ी कार्रवाई, मिडिल ईस्ट में एक्टिव 3 ब्रांच को घोषित किया आतंकी
अमेरिका ने मुस्लिम ब्रदरहुड के लेबनान, जॉर्डन और मिस्र के गुटों को आतंकी संगठन घोषित किया है. लेबनानी गुट को विदेशी आतंकी संगठन की सूची में डाला गया है जबकि जॉर्डन और मिस्र के गुटों पर हमास को समर्थन देने का आरोप है. यह फैसला ट्रंप प्रशासन के कार्यकारी आदेश के तहत लिया गया है.









