
IIT के सपनों को नई उड़ान... 'विलेज ऑफ आईआईटीयन' से फेमस है बिहार का यह गांव!
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मानपुर पटवा टोली में वृक्ष विद द चेंज की शुरुआत साल 2013 में किया गया था. यहां से प्रत्येक वर्ष दर्जन भर से अधिक छात्र आईआईटी और जेईई की परीक्षा में सफलता प्राप्त करते हैं. सफल होने के बाद देश-विदेश में जॉब करने जाते हैं. मशहूर पटवाटोली को विलेज ऑफ आईआईटीयन बनाने की तैयारी है.
बिहार में गया के मानपुर पटवा टोली में आईआईटीयन की पौध तैयार की जा रही है. ऐसा इसलिए कहा जाता है कि यहां से प्रत्येक वर्ष दर्जन भर से अधिक छात्र आईआईटी और जेईई की परीक्षा में सफलता प्राप्त करते हैं. सफल होने के बाद देश-विदेश में जॉब करने जाते हैं. मशहूर पटवा टोली को विलेज ऑफ आईआईटीयन बनाने की तैयारी है. इस बड़े मकसद में छात्रों को सफल करने के लिए पूरी पढ़ाई नि:शुल्क दी जाती है. इससे वर्तमान में वृक्ष संस्था का नाम दिया गया है. ऐसे में गरीब तबके से लेकर आम छात्र आईआईटियन बनने का सपना साकार करते हैं. यहां ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की गई है. यहां दिल्ली से भी ऑनलाइन क्लास ली जाती है.
प्रत्येक वर्ष सफल होते हैं छात्र मुफ्त शिक्षा देने वाली वृक्ष संस्था में प्रत्येक वर्ष दर्जन भर से अधिक छात्र आईआईटी और जेईई की परीक्षा में सफलता प्राप्त करते हैं. इस सफलता का आधार है निशुल्क संचालित शिक्षण संस्थान वृक्ष विद द चेंज. यहां पावरलूमों की कर्कश आवाज और संकरी गलियों में अवस्थित कुछ कमरों में आईआईटीयंस की नई पौध तैयार हो रही है. यह संस्थान सफल आईआईटियन के आपसी आर्थिक सहयोग से वर्ष 2013 से संचालित है. यहां पर सभी प्रकार की पुस्तकें उपलब्ध है. देश के नामचीन शिक्षकों से बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई कराई जाती है. पटवा टोली के लोग जो इंजीनियरिंग पास कर देश के विभिन्न स्थानों में जॉब कर रहे हैं, वो संस्थान को दिल खोलकर मदद करते हैं. ताकि उनकी भावी पीढ़ी भी उन जैसे ही बन सके.
वृक्ष संस्था के संस्थापक चंद्रकांत पाटेकर ने बताया कि इसकी शुरुआत साल 2013 में किया था. हमे इसकी प्रेरणा अपने गरीब दोस्तों से मिली. क्योकि वे लोग गरीबी में पढ़ नहीं सके. अब हमारा मकसद ये है कि कोई भी छात्र गरीबी के कारण पढ़ाई न छोड़ें. छात्रों को सफल करने के लिए पूरी पढ़ाई नि:शुल्क दी जाती है. इससे वर्तमान में वृक्ष संस्था का नाम दिया गया है. ऐसे में गरीब तबके से लेकर आम छात्र आईआईटियन बनने का सपना साकार करते हैं.

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