
He deserves it... नेतन्याहू ने ट्रंप को पहना दिया 'शांति का नोबेल', पोस्ट की AI फोटो
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वैश्विक प्लेटफॉर्म से कई बार कह चुके हैं कि शांति का नोबेल उन्हें ही मिलना चाहिए क्योंकि उन्होंने आठ युद्ध रुकवाए हैं.
2025 का शांति नोबेल पुरस्कार आखिरकार किसे मिलेगा? इसका ऐलान कल नॉर्वे की नोबेल कमेटी कर देगी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद को इस पुरस्कार का हकदार मान रहे हैं. वह समय-समय पर इसका जिक्र भी करते रहे हैं कि वह इसके हकदार हैं. लेकिन पुरस्कार की घोषणा से एक दिन पहले ही इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप के साथ अपनी एक AI तस्वीर शेयर की है.
इस तस्वीर में नेतन्याहू अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को शांति का नोबेल मेडल पहनाते नजर आ रहे हैं. इस एआई तस्वीर में ट्रंप खुशी से अपने दोनों हाथ ऊपर उठाकर अभिवादन स्वीकार कर रहे हैं. इस तस्वीर के साथ ही नेतन्याहू ने लिखा नोबेल का शांति पुरस्करार और वह (ट्रंप) इसके हकदार हैं.
इस बीच खबर है कि डोनाल्ड ट्रंप रविवार को जेरुशलम में हो सकते हैं. इजरायल के राष्ट्रपति कार्यालय ने इसकी जानकारी दी. बता दें कि नोबेल पीस प्राइज की घोषणा से पहले अमेरिका के व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ‘द पीस प्रेसिडेंट’ की नई उपाधि दी है. दरअसल, नोबेल शांति पुरस्कार 2025 के ऐलान के एक दिन पहले ही इजरायल और फिलिस्तीनी उग्रवादी संगठन हमास ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रस्तावित गाजा शांति योजना के पहले चरण के लिए अपनी सहमति दे दी है.
बता दे कि ट्रंप पिछले महीनों में कई बार दोहरा चुके कि उनकी ट्रेड डिप्लोमेसी ने कई देशों में जंग रुकवाई है. यहां तक कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान लड़ाई को भी रोकने का श्रेय लेते रहे, जबकि भारत ने हर बार इससे इनकार किया है.
अमेरिका में ट्रंप की छवि काफी ध्रुवीकृत रही है. उनके कार्यकाल में कई विवादित चीजें हुई. इस बार वे इमिग्रेशन को लेकर एंग्री यंग मैन बने हुए हैं, जिससे एक तबका ये मान रहा है कि ट्रंप की मानवाधिकार में खास दिलचस्पी नहीं है. लेकिन ट्रंप कई मौकों पर कह चुके हैं कि वह शांति के इस पुरस्कार के हकदार हैं.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

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