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''Facebook ने सिर्फ 3 हफ्ते में मुझे नफरत की तरफ धकेल दिया''

''Facebook ने सिर्फ 3 हफ्ते में मुझे नफरत की तरफ धकेल दिया''

The Quint
Friday, October 29, 2021 12:42:13 PM UTC

Facebook Change Name फेसबुक ने सिर्फ 17 सालों में संवाद और जन भागीदारी के नए नियम लिख दिए.Facebook wrote new rules for communication and public participation in just 17 years.

कौन जानता था… यह कि 2004 में लड़कियों को ‘हॉट या नॉट’ रेट करने के मकसद से शुरू हुई एक प्रैंक वेबसाइट आने वाले दिनों में एक ऐसा ग्लोबल प्लेटफॉर्म बन जाएगी, जिसे म्यांमार में नरसंहार कराने, अमेरिका में चुनावों को पलटाने और भारत में दंगे भड़काने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. फेसबुक ने सिर्फ 17 सालों में संवाद और जन भागीदारी के नए नियम लिख दिए. हालांकि अमेरिकी कांग्रेस के सामने हाल की व्हिसिलब्लोअर टेस्टिमनी और कंपनी के आंतरिक दस्तावेजों ने काफी चौंकाने वाला ब्यौरा दिया है. इसमें बताया गया है कि फेसबुक के नए नियमों की बदौलत किस तरह विश्व स्तर पर नफरत, गलफहमी फैलाने वाली सूचनाओं और गुस्से का दलदल तैयार हुआ था.ADVERTISEMENTहालांकि पिछले कई सालों से फेसबुक के बारे में नए-नए खुलासे हो रहे हैं, लेकिन ‘फेसबुक पेपर्स’ और व्हिसिलब्लोअर फ्रांसेस हौगेन की टेस्टिमनी ने एकाएक इन खुलासों में नया तड़का लगा दिया.फेसबुक पेपर्स क्या हैं?फेसबुक पेपर्स ऐसे दबे-छिपे दस्तावेज हैं, जिनका खुलासा फेसबुक की पूर्व प्रॉडक्ट मैनेजर हौगेन ने यूएस सिक्योरिटीज और एक्सचेंज कमीशन (एसईसी) के सामने किया. इसके अलावा हौगेन की वकील ने इन दस्तावेजों की रीटैक्टेड, यानी संपादित प्रति को यूएस कांग्रेस को सौंपा. अमेरिका के 17 न्यूज ऑर्गेनाइजेशंस के कंसोर्टियम को भी इनकी रीटैक्टेड प्रतियां मिलीं और उन्होंने इन पेपर्स से मिली सनसनीखेज जानकारियों को छापा भी.इन दस्तावेजों में ‘गैरजिम्मेदार’ चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर मार्क जकरबर्ग के कारोबार के अजब तौर तरीकों को स्पष्ट किया गया है. इनमें पता चलता है कि जकरबर्ग यूजर्स की सुरक्षा से ज्यादा मुनाफे और कंपनी की प्रगति पर जोर दिया करते हैं.इस तरह भारत में राजनैतिक हेट स्पीच बिना जांचे पोस्ट होती रहीं. इससे अल्पसंख्यकों पर खतरा मंडराया और बड़े पैमाने पर झूठी खबरें फैलती रहीं.इस आर्टिकल में फेसबुक की गड़बड़ियों के बारे में बताया गया है और हाल के खुलासों को चार खंडों में बांटा गया है जो कि आपस में एक दूसरे से जुड़े हुए हैं- एल्गोरिदम, पॉलिसी, रिसोर्स और मुनाफे का मकसद.एल्गोरिदम- ये हेट स्पीच के फैलने पर क्या असर डालते हैं?न्यूयॉर्क टाइम्स जानकारी देता है- फरवरी 2019 में एक फेसबुक रिसर्चर ने केरल में रहन...

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