
Explainer: क्या है 1,034 करोड़ रुपये का वो घोटाला, जिस मामले में संजय राउत को पूछताछ के लिए ED ने बुलाया?
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Sanjay Raut ED Summon: महाराष्ट्र में जारी सियासी संकट के बीच शिवसेना सांसद संजय राउत को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने समन जारी किया है. उन्हें ये समन patra chawl जमीन घोटाले से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए जारी किया गया है.
Sanjay Raut ED Summon: महाराष्ट्र में एक ओर एकनाथ शिंदे की बगावत से सियासी संकट जारी है तो दूसरी ओर शिवसेना से राज्यसभा सांसद संजय राउत को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने समन जारी किया है. उन्हें मंगलवार (28 जून) को पूछताछ के लिए बुलाया गया है. राउत को ये समन पात्रा चॉल (Patra Chawl) जमीन घोटाले के मामले में दिया गया है.
ED ने उन्हें समन जारी कर मंगलवार को साउथ मुंबई स्थित ऑफिस में अपना बयान दर्ज कराने को बुलाया है. उनका ये बयान प्रिवेन्शन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दर्ज किया जाएगा. इस मामले में अप्रैल में ED ने राउत की पत्नी वर्षा राउत और उनके करीबियों की 11.15 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति जब्त की थी.
लेकिन ये पात्रा चॉल जमीन घोटाले (Patra Chawl land scam case) का पूरा मामला क्या है? इसमें संजय राउत का नाम कैसे आया? समझें...
क्या है पूरा जमीन घोटाला?
- 2007 में गुरुआशीष कंस्ट्रक्शन को महाराष्ट्र हाउसिंग एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) ने पात्रा चॉल के पुनर्विकास का काम सौंपा. गुरुआशीष कंस्ट्रक्शन हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (HDIL) की सिस्टर कंपनी है.
- इस समझौते के तहत गुरुआशीष कंस्ट्रक्शन को पात्रा चॉल के किरायेदारों के 672 फ्लैट को पुनर्विकसित करना था और करीब 3 हजार फ्लैट MHADA को सौंपने थे. ये फ्लैट MHADA की 47 एकड़ जमीन पर बनने थे.

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