
Explainer: अफगानिस्तान के सैकड़ों प्रोजेक्ट में भारत के 22 हजार करोड़ रुपये के निवेश दांव पर, अब क्या होगा भविष्य?
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भारत के लिए सामरिक लिहाज से काफी नुकसान की बात तो है ही, वहां भारत का करीब 22 हजार करोड़ रुपये का सरकारी निवेश दांव पर लगा हुआ है.
काबुल की सत्ता पर तालिबान के कब्जे से ही भारत की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं. भारत के लिए सामरिक लिहाज से काफी नुकसान की बात तो है ही, वहां भारत का करीब 22 हजार करोड़ रुपये का सरकारी निवेश दांव पर लगा हुआ है. आइए समझते हैं कि भारत के कौन से प्रोजेक्ट में कितना कुछ दांव पर है. (फाइल फोटो: Getty Images) अफगानिस्तान के इलाके से वैसे तो भारत का रिश्ता शताब्दियों पुराना है. लेकिन आज के समय की बात करें तो खासकर पिछले 20 साल से वहां लोकतांत्रिक सरकार के गठन के दौर में भारत ने काफी बढ़-चढ़ कर अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण में हाथ बंटाया है. भारत ने वहां कई महत्वपूर्ण सड़कें, स्कूल, अस्पताल आदि बनाए हैं और बहुत से प्रोजेक्ट का काम अभी भी भारतीय एजेंसियां और कर्मचारी कर रहे थे. भारत सरकार वहां के विकास के लिए करीब 3 अरब डॉलर (करीब 22,273 करोड़ रुपये) का सहयोग कर चुकी है. (फाइल फोटो: Getty Images)
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