
Explained: लेबनान में संघर्ष के कितने करीब हैं भारतीय सैनिक?
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UNIFIL के लिए आत्मरक्षा हमेशा से एक चुनौतीपूर्ण विषय रहा है. पिछले 10 अक्टूबर को, UNIFIL ने एक घटना की रिपोर्ट की, जिसमें IDF द्वारा एक UN परिसर पर हमले का जिक्र था. इसके बाद से सैनिकों की आत्मरक्षा के मुद्दे पर चिंता जताई जा रही है.
पिछले महीने इजरायल के हमले के बाद से दक्षिणी लेबनान में शांति स्थापना के लिए तैनात संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन (UNIFIL) पर कई बार हमले हो चुके हैं. भारत, जो UNIFIL का प्रमुख सदस्य देश है, ने दक्षिणी लेबनान में अपने 900 से अधिक सैनिकों की तैनाती की है, जिससे यह मिशन में दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता बन गया है. इन सैनिकों की सुरक्षा को लेकर भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ गई है.
UNIFIL, जिसे संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल इन लेबनान के नाम से जाना जाता है, ने हाल के हफ्तों में कई हमलों की सूचना दी है, जिनमें कम से कम पांच शांति सैनिक घायल हुए हैं. कुछ हमलों का जिम्मा UNIFIL ने इजरायली रक्षा बलों (IDF) पर डालते हुए आरोप लगाया है कि ये हमले जानबूझकर किए गए थे. हालांकि, अब तक इन हमलों में कोई भी भारतीय सैनिक घायल नहीं हुआ है, फिर भी भारतीय सैनिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता लगातार बनी हुई है.
भारतीय सैनिकों के जिम्मेदारी क्षेत्र की स्थिति भारत के जिम्मेदारी क्षेत्र (Area of Responsibility - AoR) की स्थिति लेबनान के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में है, जो शेबा फार्म्स और सीरिया की सीमा के पास स्थित है. यह क्षेत्र अब तक हमलों से सुरक्षित रहा है, लेकिन हाल के घटनाक्रम ने भारतीय सैनिकों के लिए संभावित खतरे को बढ़ा दिया है.
पिछले कुछ हफ्तों में हुए हमलों में मारौन एल रस का हमला, जो भारत के AoR से लगभग 25 किमी दूर है, सबसे निकटतम घटना थी. इजरायल ने इस क्षेत्र में कई नागरिकों को क्षेत्र खाली करने का आदेश दिया है, जो संभावित सैन्य कार्रवाई का संकेत देता है और हिजबुल्लाह के साथ संघर्ष की संभावना को बढ़ा देता है.
UNIFIL सैनिकों की आत्मरक्षा और चुनौतियां UNIFIL के लिए आत्मरक्षा हमेशा से एक चुनौतीपूर्ण विषय रहा है. पिछले 10 अक्टूबर को, UNIFIL ने एक घटना की रिपोर्ट की, जिसमें IDF द्वारा एक UN परिसर पर हमले का जिक्र था. इसके बाद से सैनिकों की आत्मरक्षा के मुद्दे पर चिंता जताई जा रही है.

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